सिरसा। आधार बेस परिवार पहचान पत्र पर डाटा अपडेट होने के कई तरह की दिक्कत बीपीएल राशन कार्ड धारकों को आ रही हैं। सब्जी विक्रेता के नाम 3 गाड़ियां दिखाईं गई हैं। इस पर अधिकारी ने कहा कि सभी कमियां मंगलवार को दूर होंगी।
कई लोगों के बीपीएल राशन कार्ड वाहन, मकान आदि चढ़ने के कारण कट गए हैं। इस मामले को दो दिन पहले ही ऑन लाइन वीसी में क्रीड के अधिकारियों ने इस तरह के मामलों की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी थी। जिस पर अधिकारियों ने आश्वस्त किया था कि आधार पर बेस डेटा में आने वाली इस तरह की सभी कमियां को दुरुस्त करने काम जारी है। मंगलवार तक डाटा अपडेट होगा। उसके बाद ऐसी समस्याएं नहीं आएंगी। इतना ही नहीं, लोगों को सुविधा देने के लिए पोर्टल में चार विकल्प भी शुरू किए जा रहे हैं। जिनकी लंबे समय से मांग उठ रही थी।
अधिकारियों के अनुसार आधार बेस डाटा अपडेशन में कई बार एक व्यक्ति के नाम और पिता का नाम एक जैसा हो जाता है। उस कारण भी डेटा उठ जाता है। इसके अलावा भी आधार आपस में गलत जुड़ जाते हैं और बीपीएल परिवार को दी जाने वाली राशन की सुविधा कट जाती है। इसलिए इस तरह की समस्याओं को समाधान करने में मुख्यालय स्तर पर काम चल रहा है। अगले सप्ताह इस तरह के मामलों का पूरी तरह से निपटारा हो जाएगा।
यह मामला आया सामने
सिरसा के मनोज कुमार सब्जी की रेहड़ी लगाने का काम करता है। मनोज कुमार ने बताया कि उसके बीपीएल राशन कार्ड पर राशन मिलना बंद हो गया है। सीएससी सेंटर पर जाकर जांच कराई तो पता चला कि मनोज कुमार के परिवार के नाम पर अग्रसेन कॉलोनी के एक व्यक्ति की तीन गाड़ियां उनके परिवार से अटैच की गई हैं। इस कारण उनका कार्ड निरस्त कर दिया गया। मनोज कुमार ने बताया कि वह किराये के मकान में रहता है और उसके पास सिर्फ एक साइकिल है। पीपीपी में उनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये दर्ज है। पूर्व पार्षद अमित सोनी ने मांग उठाई की कि इस प्रकार काटे गए राशन कार्ड धारकों की सेवाएं सरकार अपने स्तर पर पुन: शुरू करवाए। दोबारा राशन कार्ड के लिए मनोज कुमार जैसे लोगों को चक्कर न काटना पड़े। इसको लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भी मांग की गई है।
इन कारणों से कटते हैं बीपीएल
- वाहन या अन्य लोन आदि की गारंटी देते समय आधार न दें। वरना लोन गारंटी से भी बीपीएल कट जाएगा।
- रिश्तेदार या अन्य करीबी को गाड़ी या अन्य चीज अपने आधार पर लोन न दिलवाएं।
- सालाना बिजली का बिल 1 लाख 80 हजार से कम होना चाहिए।
- जरूरत न हो तो एटीआर के चक्कर में न पड़े।
यह विकल्प अब होंगे शुरू
-कानूनी तौर पर गोद लिए गए बच्चों को जोड़ने का विकल्प।
- परिवार के लोगों को आईडी में दर्ज करने का विकल्प।
- बच्चों के माता पिता की मौत होने की सूरत में दादा-दादी या परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बच्चों को जोड़ने का विकल्प।
- विधवा महिलाओं व उनके बच्चों को दादा-दादी या नाना नानी के साथ जोड़ने का विकल्प।
परिवार पहचान पत्र के आधार पर बीपीएल कटने के मामले सामने आए थे। इसको लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया था। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि मंगलवार के बाद डाटा अपडेशन का काम शुरू हो जाएगा और यह त्रुटियां खत्म हो जाएंगी।
-रविंद्र कुमार, पीपीपी इंचार्ज, क्रीड