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सिरसा: रोडवेज बेड़े में 246 बसों की दरकार, 139 के सहारा काम चला रही सरकार

Wed, 15 Feb 2023 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। दिल्ली, पंजाब, राजस्थान सहित अन्य कई राज्यों के लिए सिरसा डिपो से बसों का संचालन होता है। जनसंख्या के अनुसार सिरसा डिपो में अब 246 बसों की आवश्यकता है, लेकिन डिपो के पास केवल 139 बसों की सुविधा है। इसके सहारे काम चलाया जा रहा है। इनमें से 32 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत और पांच गुलाबी बसें हैं। बसों की कमी के कारण हर रोज 30 से अधिक फेरे मिस रहते हैं। इसके कारण यात्रियों को लटक कर सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
सिरसा डिपो की बसों में हर रोज 35 हजार के करीब यात्री सफर करते हैं। सिरसा डिपो से 139 बसों का संचालन किया जाता है, लेकिन बसों, चालकों और परिचालकों की कमी के चलते इनमें से 30 से अधिक फेरे हर रोज प्रभावित हो रहे हैं। इसके कारण यात्रियों को निजी वाहनों और अगले समय की बस में सफर करने पर मजबूर होना पड़ता है। ऐसे में बसों में यात्रियों व विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें लटक कर यात्रा करने पर मजबूर होना पड़ता है। हालांकि इसके कारण कई बार हादसे भी हो चुकी हैं।
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चालकों व परिचालकों की संख्या भी नहीं पूरी
सिरसा डिपो में अब 107 बसों की कमी है। इसके कारण रोडवेज की ओर से कम आवश्यकता वाले रूटों को छोड़ कर अधिक यात्रियों वाले रूटों पर बसों को रवाना किया जाता है। रोडवेज के पास चालक व परिचालकों की भी कमी है। रोडवेज के पास कुल 246 परिचालक है, जबकि आवश्यकता 325 की है। रोडवेज के पास कुल 280 चालक है और बेड़े में 300 चालकों की आवश्यकता है। इसके कारण स्थिति लगातार खराब हो रही है।

गांवों के रूट होते हैं अधिक प्रभावित
सिरसा से दिल्ली, चंडीगढ़ व राजस्थान के लंबे रूटों पर सबसे अधिक बसों का संचालन किया जाता है, लेकिन दिल्ली और चंडीगढ़ के कई समय मिस हो रहे हैं। यात्रियों को सिरसा से हिसार या अन्य किसी रूट की बस पर सवार होना पड़ता है और वहां से उन्हें अपने रूट के लिए बस में सवार होना पड़ता है। वहीं सिरसा से रानियां, जमाल, कुताना, खारिया, डिंग मंडी, सहित कई ग्रामीण रूटों की बसें मिस हो रही हैं।


रोडवेज बेड़े में जन संख्या के अनुसार 246 बसों की आवश्यकता है, लेकिन अभी तक केवल 139 बसे हैं। इनमें से 32 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चल रही हैं। बेड़े में चालक व परिचालकों की संख्या भी बेहद कम है। इसके चलते सरकार को जल्द ही कर्मचारियों की भर्ती करने के साथ साथ बसों की संख्या को बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि यात्रियों को सुविधा मिल सके। - रामकुमार चुरनिया, सांझा मोर्चा सदस्य ।
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जरूरत के अनुसार रोडवेज की बसों का रूटों पर संचालन किया जा रहा है। रूट पर बसों के मिस होने के चलते कोई भी शिकायत नहीं आ रही है। मुख्यालय को बसों, चालकों और परिचालकों की जरूरत अनुसार रिपोर्ट भेजी जाती है। - केआर कौशल, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा।
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