फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

2007 से मिला मान्यता के चल रहा था बीपीएड कोर्स

विज्ञापन
विज्ञापन
फिजिकल विभाग के सभी कोर्स को मिली मान्यता
विज्ञापन

सिरसा। सीडीएलयू की बीपीएड कोर्स को नेशन कौंसिल फार टीचर एजुकेशन से मान्यता मिल गई है। इस संबंध में 6 मार्च को रजिस्ट्रार आरके वधवा के पास पत्र पहुंच गया। जिसमें कि सीडीएलयू के सीपीएड, डीपीएड, बीपीएड और एमपीएड कोर्स को मान्यता देने की बात कही गई है। ऐसे में सीडीएलयू के मौजूदा फिजिकल एजुकेशन के विद्यार्थियों और पास आउट विद्यार्थियों की नौकरी की चिंता खत्म हो गई है।
जानकारी के अनुसार सीडीएलयू में 2007 में बीपीएड कोर्स शुरू हुआ था। लेकिन इस कोर्स को नेशनल कौंसिल फॅार टीचर एजुकेशन से मान्यता नहीं मिली। इसका खुलासा उस समय हुआ जब अगस्त 2018 में पास आऊट छात्र गुरविंदर, गगनदीप, नवीन, विकास ने दिल्ली स्कूल शिक्षा बोर्ड में फिजिकल इंस्ट्रक्टर के पद के लिए आवेदन किया। सभी विद्यार्थी लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर गए। जब डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन की बात आई तो दिल्ली स्कूल शिक्षा बोर्ड ने कोर्स के मान्यता पत्र की डिमांड की, लेकिन सीडीएलयू के पास एनसीटीई से मान्यता नहीं थी। इसके बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय में धरना दे दिया। हालांकि सीडीएलयू ने एनसीटीई के पास कोर्स को मान्यता के लिए आवेदन किया था। लेकिन एनसीटीई ने कुछ आब्जेक्शन लगाए हुए थे। खुद तत्कालीन विभाग की चेयरपर्सन मानिका वर्मा ने कागजात एनसीटीई में जमा करवाए। तत्कालीन रजिस्ट्रार प्रोफेसर राजकुमार सिवाच भी छात्रों के साथ दिल्ली गए। इसके बाद मानव संसाधन मंत्रालय ने लोकसभा में एक्ट में संशोधन करते हुए घोषणा की सभी विश्वविद्यालयों को एनसीटीई से मान्यता दे दी जाएगी। लेकिन इस संशोधन के बाद भी एनसीटीई से मान्यता का पत्र नहीं आया। जनवरी 2019 में फिर से राजस्थान में फिजिकल टीचर के पदों के लिए सीडीएलयू के विद्यार्थियों ने क्वालीफाई किया। लेकिन छात्रों को राजस्थान लोक सेवा आयोग ने भी मान्यता पत्र इंटरव्यू के समय लेकर आने के लिए कहा। इसके बाद छात्र फिर से वीसी विजय कायत से मिलें। उन्हें मान्यता पत्र दिलाने का आश्वासन दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट्स
कुछ स्टूडेंट्स के इंटरव्यू है। जिसमें कि एनसीटीई से मान्यता पत्र आवश्यक किया है। हमने प्रयास करके एनसीटीई से कोर्स की मान्यता पत्र मंगवा लिया है। मान्यता मिल गई है।
राकेश वधवा, सीडीएलयू सिरसा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें