आतंकी हमलों के विरोध में वकीलों ने लगाए नारे, छात्र-छात्राओं ने किया कक्षाओं का बहिष्कार
सिरसा में अधिवक्ताओं, राजनीतिक सामाजिक संगठनों और लोगों ने किया प्रदर्शन, शाम को कैंडल मार्च निकालकर दी श्रद्धांजलि
सिरसा। पुलवामा में आतंकी हमले के विरोध में सिरसा में वकीलों, राजनीतिक और सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने शहर में जगह-जगह प्रदर्शन किए और शाम को कैैंडल मार्च निकालकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान संगठनों ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन जैश की ओर से किए हमले के खिलाफ रोष जताया। उन्होंने सरकार से आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दिया जाना चाहिए। नेशनल कॉलेज व विश्वविद्यालय के छात्रों ने शहीदों के सम्मान में शहीद स्मारक पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कक्षाएं नहीं लगाई।
सुबह नेशनल कॉलेज व चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पुलवामा हमले के विरोध में कक्षाओं का बहिष्कार किया। सैकड़ों छात्र-छात्राएं सुबह लघु सचिवालय स्थित शहीद स्मारक पहुंचे और आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को श्रद्धांजलि दी। छात्र-छात्राओं ने सरकार से आतंक की नर्सरी पाकिस्तान से बदला लेने की मांग की। इसके बाद सभी छात्र छात्राएं सीडीएलयू के विभिन्न विभागों में पहुंचे और विद्यार्थियों से आज के दिन कक्षाओं का बहिष्कार करने का मार्मिक अनुरोध किया। इसके बाद सभी छात्र छात्राएं लॉ विभाग में गए और शाम को कैंडल मार्च में शामिल होने की अपील की। शाम को सीडीएलयू के विद्यार्थियों व शहरवासियों ने बाजारों में कैंडल मार्च निकालकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कैंडल मार्च सीडीएलयू से शुरू होकर बाबा भूमणशाह चौक तक निकाला गया। दूसरी ओर समाज सेवी संस्थाओं ने शहर के विभिन्न बाजारों में कैंडल मार्च निकाला।
आतंकवादी हमले के विरोध में सुबह शहर के वकील बार रूम में एकत्रित हुए। जिला बार एसोसिएशन ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए पूरे दिन वर्क सस्पेंड रखने फैसला किया। इसके बाद बार एसो. के प्रधान अजय बंसल व उपाध्यक्ष एडवोकेट लक्की दुग्गल के नेतृत्व में सैकड़ों वकील पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां पर वकीलों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। प्रधान अजय बंसल ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमला देश पर हमला है। इससे पहले सैनिकों पर इतना बड़ा हमला कभी नहीं हुआ। हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए। अब समय आ गया है कि केंद्र सरकार पाकिस्तान को इसका करारा जवाब दे। पूरा देश शहीदों के परिवारों व सरकार के साथ है। वकीलों ने प्रदर्शन करने के बाद उपायुक्त प्रभजोत सिंह को केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब देने व 14 फरवरी को बलिदान दिवस घोषित करने की मांग की गई है।
वहीं, हमले के विरोध में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भगत सिंह चौक पर पाकिस्तान के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर पाकिस्तान का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजयुमों जिलाध्यक्ष सुनील बामनिया ने कहा कि पाकिस्तान ने भारतीय सैनिकों की हत्याएं नहीं की, बल्कि सवा सौ करोड़ से अधिक भारतीयों के मान-सम्मान पर प्रहार किया है। यह बर्बरतापूर्ण कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश उपाध्यक्ष अमन चोपड़ा ने कहा कि भारतीय सैनिकों की शहादत का बदला भारत माता का एक-एक सपूत लेगा। अब से पाकिस्तान के सर्वनाश का समय शुरू हो गया है और जो घिनौना काम पाकिस्तान ने किया है, उसका जवाब पाकिस्तान को देना ही होगा।