फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन सालों से दो प्राइमरी स्कूलों का विद्युत कनेक्शन कट, पेड़ों की छांव में पढ़ाई करने को मजबूर बच्चे

विज्ञापन
विज्ञापन
तीन सालों से कटा है दो प्राइमरी स्कूलों का बिजली कनेक्शन, पेड़ों की छांव में पढ़ाई कर रहे बच्चे
विज्ञापन

सिरसा। गांव शेरपुरा स्थित गर्ल्स और ब्वायज प्राइमरी स्कूल में पिछले तीन सालों से विद्युत कनेक्शन ही नहीं है। दोनों स्कूलों का करीब 30 हजार रुपए बिल बकाया होने के कारण उनका कनेक्शन काट दिया गया है। इससे तीन साल से न केवल विद्यार्थी, बल्कि टीचर भी परेशानी में हैं। वहीं विद्यार्थी पेड़ों की छांव में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। गांव के गर्ल्स स्कूल में जहां 105 बच्चियां शिक्षा ग्रहण करने के लिए आती हैं तो वहीं ब्वायज स्कूल में करीब 85 बच्चे हैं। स्कूलों के हैड टीचर कई दफा विभाग को लिखित में इस समस्या से अवगत करवा चुके हैं। लेकिन अभी तक विभाग की ओर से समस्या को देखते हुए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्टाफ ने स्वयं के खर्चे पर अस्थाई तौर पर तार लाकर लगाई। लेकिन छुट्टियों के दौरान कोई व्यक्ति तार ही चुराकर ले गया।
बिजली न होने से पंखे, वाटर कूलर व एजुसेट सिस्टम पड़े हैं ठप
गर्ल्स स्कूल के हैड टीचर पाल सिंह व ब्वायज स्कूल के हैड टीचर रायसिंह ने बताया कि स्कूल में लाइट का कनेक्शन नहीं होने के कारण पंखे, वाटर कूलर व एजुसेट बंद पड़े हैं। समस्या के संबंध में विभाग को कई बार लिखा गया है, लेकिन फंड न आने की दुहाई देकर विभाग द्वारा इतिश्री कर ली गई। उन्होंने बताया कि छुट्टियों से पहले उन्होंने स्वयं के खर्चे पर तार लाकर अस्थायी रूप से कनेक्शन जोड़ा था, लेकिन छुट्टियों के बाद लौटे तो तार ही गायब मिली। यहीं नहीं स्कूल से छुट्टियों में चोर तीन एलईडी भी चुराकर ले गए। टीचर्स ने बताया कि नशेड़ी किस्म के व्यक्ति इस प्रकार की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
विज्ञापन

दोनों स्कूलों का करीब 30 हजार रुपए बिल है बकाया
दोनों स्कूलों के हैड टीचर ने बताया कि उनके कार्यकाल संभालने के वक्त दोनों स्कूलों का करीब 40 से 45 हजार रुपए बिल बकाया था। उन्होंने दो बार में सरकार की ओर आए फंड से कुछ राशि निगम को अदा कर दी। ताकि कनेक्शन न कटे और बच्चों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि अब भी करीब 30 हजार रुपये दोनों स्कूलों का बकाया है। सरकार की ओर से सालाना 2 से 3 हजार रुपये फंड आता है। जोकि नाकाफी है। फंड न आने से बच्चों के साथ उन्हें भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बाक्स
मिड-डे-मील वर्कर घरों से बर्फ लाकर पिलाती हैं ठंडा पानी
स्कूल में वाटर कूलर तो है, लेकिन बिजली नहीं होने के कारण वह नकारा पड़ा है। स्कूल में पानी की टंकी तो है। लेकिन धूप में होने के कारण इसका पानी गर्म हो जाता है। स्कूल में तैनात मिड-डे-मील वर्कर्स अपने घरों से बर्फ लेकर आती हैं और पानी में मिलाकर बच्चों को ठंडा पानी पिलाती हैं।
विज्ञापन


स्कूल टीचर्स ने मुझे कुछ माह पूर्व समस्या से अवगत करवाया था। जिसके बाद एक बार अस्थायी रूप से तार लगवाकर कनेक्शन जोड़ा गया था। उसके बाद क्या हुआ मुझे नहीं पता। न ही मुझे इस बारे बताया गया। स्कूल में जाकर पता करूंगा और समस्या को दूर करने का प्रयास करूंगा।
-सुखवीर गोदारा, सरपंच गांव शेरपुरा।

उन्हें मामले की सूचना नहीं है। स्कूल प्रशासन से रिपोर्ट मांगी जाएगी। समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।
-संतकुमार, उपजिला शिक्षा अधिकारी, सिरसा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें