अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
ई-दिशा केंद्र में कंप्यूटर ऑपरेटरों की विभिन्न मांगों को लेकर की गई प्रदेश स्तरीय हड़ताल के चलते ई-दिशा केंद्र, तहसील कार्यालय और एसडीएम कार्यालयों में अपने काम के लिए आए आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। सोमवार सुबह जिला मुख्यालय पर स्थित ई-दिशा केेंद्र पर रानियां, कालांवाली, डबवाली के कंप्यूटर ऑपरेटर एकत्रित हुए और मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया।
हड़ताली ऑपरेटर कंप्यूटर प्रोफेशनल नियमित करने, नियमित होने तक समान काम समान वेतन देने, हरियाणा प्रदेश में आईटी सोसायटी के माध्यम से उपायुक्त कार्यालय, उप मंडल कार्यालयों, तहसील, उप तहसील, ई-दिशा केंद्रों, राजस्व विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर प्रोफेशनल राजस्व विभाग में समायोजित करने के साथ हेड वेतनमान दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त विभागों, बोर्डों, निगम तथा सोसायटी से हटाए गए कंप्यूटर प्रोफेशनल की नौकरी पुन: बहाल करने, हारट्रोन के माध्यम से लगे कर्मचारियों की अलग-अलग विभागों की कार्य अवधि को एक समान मानते हुए वरिष्ठता के आधार पर सभी प्रकार के लाभ दिए जाने की मांग की। कंप्यूटर प्रोफेशनल सरकारी विभागों के साथ-साथ राजस्व विभाग, बोर्ड, कार्पोरेशन, सोसायटी में पद सृजित करने के साथ ही रिक्त पदों पर समायोजित करके पद भरा हुए मानने की मांग की है। कर्मचारियों ने आउटसोर्सिंग समाप्त करने की भी मांग की है। कर्मचारियों के अनुसार सात जनवरी 2018 को करनाल में कंप्यूटर प्रोफेशनल्स पर दर्ज किए गए मामलों को रद्द किया जाए। कर्मचारियों के आंदोलन की चेतावनी के बाद गुप्तचर विभाग हरियाणा के पुलिस महानिरीक्षक ने पूरे प्रदेश की पुलिस को पत्र भेजकर अलर्ट जारी किया है। कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल को लेकर जिला प्रशासन ने सिरसा, डबवाली, कालांवाली और रानियां में इसका विकल्प नहीं निकाला, जिसके चलते ई-दिशा क्रेंद, तहसील कार्यालय व एसडीएम कार्यालय में अपने काम के लिए आए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कंप्यूटर प्रोफे शनल संघ पदाधिकारी जगमोहन विर्क ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की नोटिफिकेशन है कि कच्चे कर्मचारियों को समान काम के बदले समान वेतन दिया जाए, लेकिन हकीकत में ऐसा हो नहीं रहा। उन्होंने मांग की कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। दूसरी मांग यह है कि जब तक कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जाता, उन्हें समान काम-समान वेतन दिया जाए। उन्होंने कहा कि ई-दिशा केंद्र के 100 से ज्यादा कर्मचारी पंचकूला में पड़ाव के लिए पहुंच चुके हैं। दूसरी तरफ हड़ताल के चलते ई-दिशा केंद्र में ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्री, इंतकाल, नकल आदि के लिए आने वाले लोगों को निराशा हाथ लगी। उन्हें बैरंग लौटने पर मजबूर होना पड़ा।
सिरसा के गांव चाहरवाला के रवि कुमार ने बताया कि लाइसेंस के लिए फीस जमा करवानी थी पर कोई दिख नहीं रहा। दो घंटे बाद बताया कि हड़ताल हैै कल आना। फतेहपुरिया के दयाराम ने बताया कि जमीन की फर्द लेेने आया था पर सीट पर कोई नहीं है। सिरसा के महेंद्र कुमार का कहना है कि बाइक की आरसी बनवानी थी पर काम नहीं बना। अलीकां के निर्मल सिंह फौजी ने बताया कि जमीन की फर्द लेने आया था। समय और किराया दोनों ही बरबाद हुए हैं।
उधर, कालांवाली में एसडीएम और तहसील कार्यालय में काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर सोमवार सुबह से प्रदेश स्तरीय हड़ताल पर चले जाने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऑपरेटरों की हड़ताल होने पर तहसील कार्यालय में कार्य करने के लिए उनकी जगह पटवारियों को नियुक्त किया गया, लेकिन इसके बावजूद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।