मूल राशि जमा करने पर सरचार्ज से मिलेगी छूट
सिरसा। दक्षिणी हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम की ओर से डिफाल्टर उपभोक्ताओं के लिए सुनहरी योजना लागू की है। जिसके तहत वे मामूली रकम अदा करके डिफाल्टर होने के दाग से मुक्त हो सकेंगे। निगम की योजना का लाभ उठाने वालों के कनेक्शन भी बहाल कर दिए जाएंगे। निगम की योजना के अनुसार जिन उपभोक्ताओं पर 40 हजार रुपये का बकाया है, उन्हें मात्र 8000 रुपये अदा करके डिफाल्टर होने से मुक्त कर दिया जाएगा। निगम के अधीक्षण अभियंता एमआर सचदेवा ने बताया कि सिरसा जिला में ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में 79964 उपभोक्ताओं पर लगभग 49 करोड़ रुपया बकाया है। निगम की ओर से बकाया राशि को वसूलने के लिए यह योजना लागू की गई है, जिसका ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के घरेलू, गैर-घरेलू और कृषि उपभोक्ता लाभ उठा सकते हैं।
ये बनाई है राशि चुकाने के लिए योजना:
निगम की ओर से 30 जून 2018 से पहले के जो डिफाल्टर हैं, उनको डिफाल्टिंग अमाउंट से फ्री करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में घरेलू कनेक्शन के मामले में 40 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह की दर से मूल राशि अदा करनी होगी। जबकि गैर घरेलू कनेक्शन के मामले में 50 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह की दर से राशि जमा करवानी होगी। इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में घरेलू उपभोक्ताओं से 75 यूनिट प्रति किलोवॉट प्रति माह और एनडीएस उपभोक्ताओं से 150 यूनिट प्रति किलोवॉट प्रति माह की दर से मूल राशि ली जाएगी। सचदेवा ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं का 6 माह से कनेक्शन कटा हुआ है, उनका कनेक्शन पैसा भरते ही तुरंत प्रभाव से चालू कर दिया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं का कनेक्शन 6 माह से अधिक समय से कटा हुआ है, उन्हें योजना का लाभ उठाने के लिए फाइल जमा करवानी होगी। उन्हें केवाईसी फार्म भी भरना होगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत उपभोक्ताओं को एक चौथाई से भी कम राशि जमा करवानी होगी।
ये है शहरी व ग्रामीण डिफाल्टर का ब्यौरा:
शहरी: डिफाल्टर 7028 , राशि, 4 करोड़
ग्रामीण: डिफाल्टर 33199, राशि, 13.36 करोड़
डिफाल्टर डिस्कनेटिड: शहरी व ग्रामीण: 39737, राशि 31.93 करोड़
कोट्स:
निगम लगाएगा गांव-गांव कैंप:
-विद्युत निगम द्वारा योजना का लाभ डिफाल्टरों तक पहुंचाने के लिए निगम द्वारा गांव-गांव कैंप लगाए जाएंगे। डिफाल्टरों को योजना के लाभ से अवगत करवाया जाएगा। इस कार्य में निगम के अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों सरपंच, पंच, नंबरदारों से भी सहयोग लिया जाएगा।
-एमआर सचदेवा, अधीक्षण अभियंता।