दो और एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों पर केस दर्ज, फिर भी धरना जारी
सिरसा। स्वास्थ्य विभाग में तैनात बहुउदद्ेशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा एस्मा लगाने व आह्वान के बाद भी ड्यूटी पर न लौटने को लेकर विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई जारी है। शुक्रवार रात्रि को दो और कर्मचारियों ओढां सीएचसी में नियुक्त पाल कौर व उषा पर एस्मा व कई अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। अब तक कुल 73 कर्मचारियों पर विभाग की ओर से केस दर्ज करवाया जा चुका है। वहीं दूसरी ओर एस्मा लगाने व केस दर्ज करने के बाद भी कर्मचारियों का नागरिक अस्पताल में धरना जारी है। शनिवार को धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान सुनीता सेठी ने की।
जिला प्रधान ने कहा कि सरकार बार-बार वादे कर कर्मचारियों से वादाखिलाफी कर रही है। जब कर्मचारी संघर्ष के लिए मजबूर हो जाते हैं तो उनके संघर्ष को दबाने के लिए एस्मा जैसे काले कानून लागू कर देती है। सरकार चाहे कोई भी कठोर कानून लागू कर दे। इस बार वे किसी भी कीमत पर नहीं झुकेंगे और अपना हक लेकर रहेंगे। प्रधान ने कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। सब सेंटरों पर मरीजों को दवा नहीं मिल रही है और न ही उनकी कोई सुनवाई हो रही है, जिसके कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मलेरिया व डेंगू के मौसम को देखते हुए कर्मचारियों की हड़ताल से मरीजों में बढ़ोतरी होना लाजिमी है। गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाने के कारण रिपोर्ट भी नहीं तैयार हो पाई है। प्रधान ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों के पद को तकनीकी घोषित करना, 4200 ग्रेड पे लागू करना, आरसीएच की महिला कर्मचारियों व पुरुषों का वर्दी भत्ता लागू करना, आरसीएच कर्मचारियों को पूर्व में दी जाने वाली अतिरिक्त मानदेय राशि 2090, 3000, 4000 रुपए को पुन: तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। इस मौके पर जगदीश हेल्थ सुपरवाइजर, महिला हेल्थ सुपरवाइजर जसजीत कौर, दर्शना देवी, सरस्वती, रानी, द्रोपती, उषा रानी, सरस्वती, प्रमोद, राजेंद्र, लाल चंद, अशोक, केवल, धीरज मौजूद थे।