12वीं की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के वाले दोषी को 20 साल कैद
पिता के दोस्त ने भरोसा तोड़ किया था दुष्कर्म, कोर्ट ने कहा-ऐसे अपराधियों को कम सजा देना समाज के साथ अन्याय
पीड़िता को 50 हजार मुआवजा व 2 लाख देने की सिफारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। 12वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी व्यक्ति को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद व 67 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी हरबंस सिंह मंडी कालांवाली क्षेत्र का रहने वाला है। न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने कहा कि ऐसे अपराध मानवीय गरिमा और समाज के लिए अपमानजनक हैं। जुर्माना राशि में से पीड़ित को 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पीड़ित को दो लाख रुपये मुआवजा देने की सिफारिश की गई है।
महिला थाना डबवाली पुलिस को दिए बयान में 16 वर्षीय नाबालिग ने बताया कि वह एक विद्यालय में 12वीं कक्षा में पढ़ती है। उसके उसके माता-पिता मजदूरी करते हैं। हरबंस सिंह उसके पिता का अच्छा दोस्त होने के नाते उसके घर आता-जाता रहता था। वह उसे अंकल मानती थी और उस पर भरोसा भी करती थी।
छात्रा ने बयान में कहा कि 10 सितंबर 2021 को रात करीब 8 बजे हरबंस सिंह उसके घर आया। उस समय वह और उसके पिता घर पर ही थे। हरबंस सिंह ने उसके पिता के साथ शराब पी और देर रात तक वहीं रुका रहा। उसने उन्हें खाना भी परोसा। नशे की हालत में उसका पिता सो गया।
जब वह खाना खाने जा रही थी तो हरबंस सिंह उसके पास आया और उसे पकी हुई सब्जी दी जिसे वह अपने घर से लाया था। सब्जी खाने के बाद उसे चक्कर आने लगा। इसके बाद वह कमरे के अंदर सोने चली गई। जब उसे होश आया तो उसने खुद को खेतों में खड़ी एक सफेद रंग की गाड़ी में निर्वस्त्र पाया और हरबंस उसके पास खड़ा था।
उसने खुद को छुड़ाने की कोशिश की लेकिन हरबंस ने उसे व उसके भाइयों को जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ लगातार तीन बार दुष्कर्म किया। देर रात ढाई बजे हरबंस उसे घर छोड़ आया। डर के मारे उसने माता-पिता को कुछ नहीं बताया। वह उदास और डरी-सहमी रहने लगी। फिर मां के पूछने पर उसने सारी आपबीती बता दी। 15 फरवरी 2022 को महिला थाना पुलिस ने हरबंस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
दोषी को कम सजा देकर छोड़ा नहीं जा सकता
फैसले में न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने कहा है कि इस मामले में दोषी ने एक नाबालिग लड़की के साथ गंभीर यौन उत्पीड़न करके बहुत ही अनैतिक काम किया है। इसलिए दोषी का आचरण बहुत शर्मनाक है। ऐसे अपराधियों को कम सजा देकर नहीं छोड़ा जा सकता। ऐसे अपराध मानवीय गरिमा और समाज के लिए अपमानजनक हैं तो कम सजा देना विशेष रूप से पीड़िता और आम तौर पर समाज के साथ अन्याय होगा।