सिरसा। नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद व 75 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में पीड़ित नाबालिग दुष्कर्म के बाद गर्भवती हो गई थी। गांव संतावाली निवासी दोषी कुलदीप (26) ने सजा के फैसले से पहले न्यायालय से सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई थी।
पब्लिक प्रोसिक्यूटर अमित मेहता ने न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल से कहा कि दोषी नरमी का नहीं सख्त सजा का हकदार है। इसलिए दोषी को सख्त सजा दी जाए। न्यायाधीश ने दोनों पक्ष सुनने के बाद कहा कि पीड़िता नाबालिग थी। दोषी ने उसकी नासमझी का फायदा उठाते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया।
इस अपराध के लिए कड़ी सजा देना आवश्यक है। इसके बाद न्यायाधीश ने अपना फैसला सुना दिया। इस मामले में सदर थाना पुलिस ने जून 2021 में अभियोग दर्ज किया किया था।
न्यायालय परिसर के पास पुलिस ने बरामद किया था
सदर थाना क्षेत्र निवासी एक 17 वर्षीय नाबालिग 26 जून 2021 को घर से स्कूल जाते समय लापता हो गई। सदर थाना सिरसा पुलिस ने पिता की शिकायत पर गुमशुदगी की रपट दर्ज कर नाबालिग की तलाश शुरू कर दी। 22 जुलाई को पुलिस ने न्यायालय परिसर के पास से नाबालिग को बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग के मजिस्ट्रेट समक्ष बयान दर्ज कराए। नाबालिग ने बताया कि वह अपनी मर्जी से संतावाली निवासी कुलदीप के साथ नारनौल चली गई थी। वह कुलदीप के साथ शादी करना चाहती है, चूंकि वह अभी नाबालिग है इसलिए शादी नहीं कर सकती।
काउंसलिंग में पीड़िता ने बताई सारी बात
इसके बाद बाल कल्याण समिति ने नाबालिग की काउंसलिंग की। इस दौरान नाबालिग ने बताया कि कुलदीप ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए थे। इसके बाद नाबालिग की मेडिकल जांच कराई गई तो वह गर्भवती पाई गई। डीएसपी संजय बिश्नाेई ने इस मामले की जांच की। उनकी रिपोर्ट में बताया गया कि पीड़िता नाबालिग थी और इसलिए, पीड़िता की सहमति, यदि कोई हो, का कानून की नजर में कोई मूल्य नहीं है। मेडिकल जांच के दौरान पीड़िता गर्भवती पाई गई और पीड़िता ने यह भी स्वीकार किया कि आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसलिए यह मामला दुष्कर्म का माना जाता है। पीड़िता की इच्छा और सहमति का कोई साक्ष्यात्मक मूल्य नहीं है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी कुलदीप के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।