अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के बर्खास्त कर्मचारियों ने मंगलवार को नई भर्ती की चेतावनी और स्वास्थ्य मंत्री के धारा 144 के आदेश जारी करने के बावजूद धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इतना ही नहीं स्वास्थ्य मंत्री का पुतला भी फूंका।
प्रदर्शनकारियों को मंगलवार को सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदनलाल खोथ और कृष्ण गुज्जर ने भी अपने कर्मचारी नेताओं के साथ धरनारत कर्मचारियों को समर्थन दिया। जिला प्रधान कुंदन सिंह गावड़िया ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर है, लेकिन उक्त अधिकारी और कमेटी मेंबर सरकार को गलत रिपोर्ट देकर गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में दोनों के प्रति खासा रोष है। प्रधान ने बताया कि पिछले वर्ष भी सरकार ने कर्मचारियों को बर्खास्त किया था, लेकिन उनके संघर्ष के आगे उन्हें पुन: कर्मचारियों को काम पर लेना पड़ा।
उन्होंने बताया कि अस्पताल के अधिकारी भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर तरीके से सुचारु होने की बात कह रहे हैं, लेकिन हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार तो लड़ाई आर पार की है। अब अन्य मांगों के साथ-साथ नियमित किए जाने को लेकर भी संघर्ष किया जाएगा। उन्होेंने कहा कि जिन जिलों में कुछ कर्मचारी नेताओं ने गद्दारी है वहां पर दूसरे कर्मचारियों ने आंदोलन अपने हाथों में लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। उधर, सीएमओ ने जिला प्रशासन से 18 चालकों की मांग की है ताकि सभी एंबुलेेंस को चलाया जा सके। माना जा रहा है कि सभी विभागों से चालकों को बुलाकर स्वास्थ्य विभाग क ो सौंप दिया जाएगा।
उधर, बुधवार को ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण होता है और इसका जिम्मा एनएचएम के तहत कार्यरत नर्सों पर निर्भर होता है पर वे इस समय हड़ताल पर है ऐसे में बुधवार को टीकाकरण कार्य प्रभावित होगा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग नियमित कर्मचारियों से कार्य करवाने की बात कह रहा है। उधर, प्रदर्शन में सुरेंद्र, जगदीश, विक्रम, मनदीप, विकास, आशु, सरोज, पूजा, मनजीत, निर्मला, सुनीता, कविता, रजनी, पूनम, कमल, पवन, रोहताश, प्रियंका, सीमा सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहेे।