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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी संत कुमार बिश्नोई रिलीव हुए नहीं, धनपत राम ने सोमवार को ले लिया चार्ज,

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी का पद तो एक है लेकिन सोमवार से जिले में अब अधिकारी दो हो गए हैं। रविवार को लोकसभा चुनावों को लेकर आचार संहिता लगने के बाद सोमवार को फतेहाबाद के डिप्टी डीईओ धनपत राम पदोन्नत होकर सिरसा में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बन कर आ गए। कुछ दिनों पहले सिरसा के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी संत राम बिश्नोई का तबादला डाइट मोहड़ा जिला अंबाला में हो गया था। लेकिन वे रिलीव नहीं हुए थे। वे भी सिरसा में ही अभी पदभार संभाले हुए थे। आचार संहिता लगने के बाद वे रिलीव नहीं हो सकते। सोमवार को आम दिनों की तरह से संत कुमार बिश्नोई जिला मौलिक शिक्षा कार्यालय में बैठे हुए थे। कुछ समय के लिए वे जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में गए तो फतेहाबाद से पदोन्नत होकर आए धनपत राम जिला मौलिक शिक्षा कार्यालय में गए और कुर्सी पर बैठ गए। जब जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी संत कुमार बिश्नोई वापस आए तो वे कार्यालय में बैठे हुए थे। इसके बाद संत कुमार बिश्नोई वापस डीईओ कार्यालय में आ गए। उन्होंने डीसी से मिलकर इस मामले से अवगत करवाया। वहीं दूसरी ओर दोपहर को धनपत राम भी डीसी से मिले और अपना पक्ष रखा। डीसी से इस मामले की जांच के लिए चुनाव आयोग के तहसीलदार को मामले की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

मैं अभी अपने पद से रिलीव नहीं हुआ। क्योंकि मेरे पास तबादले के आदेश नहीं पहुंचे और आचार संहिता लगने के बाद रिलीव नहीं हो सकता। चुनाव आयोग के जो भी आदेश होंगे मान्य होंगे।
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- संत कुमार बिश्नोई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सिरसा।

मैंने चार्ज ले लिया है। मैं डीसी से मिलने के लिए आया हूं। आचार संहिता का कोई उल्लंघन नहीं किया गया।
- धनपत राम, तबादला होकर आए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।

आरटीआई एक्टिीविस्ट करतार सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजा पत्र
राजकीय पन्नीवाला स्कूल के प्रिंसिपल व व्हीस्ल ब्लोअर प्रो. करतार सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि आचार संहिता लागू होने के बावजूद 11 मार्च को प्रथम श्रेणी अधिकारियों की नियुक्ति और पोस्टिंग की गई है। इसलिए मामले की जांच कर ऐसी नियुक्तियों को रद्द किया जाए।
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