फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नागरिक अस्पताल में लगाया जाएगा सोलर सिस्टम प्लांट, पैसे की बचत और प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो।
विज्ञापन

सिरसा। सौर ऊर्जा से छोटे स्तर पर बिजली बनाने की स्कीम के तहत सिरसा के सरकारी अस्पताल में सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे। इससे बिजली संकट के साथ-साथ वातावरण प्रदूषण से भी निजात मिलेगी। चिकित्सकों के मुताबिक एक प्राइवेट कंपनी को सोलर सिस्टम लगाने का ठेका दिया है।
सिरसा के नागरिक अस्पताल में लगाए जाने वाले सोलर सिस्टम पर 30 से 35 लाख रुपये खर्च होंगे। जिला अस्पताल में लगने वाले सोलर सिस्टम 40 से 50 किलोवाट क्षमता के होंगे। जिससे अस्पताल के सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे विभाग, नवजात वार्ड, महिला वार्ड व चिकित्सकों के कक्ष समेत अस्पताल के मुख्य विभागों को सौर ऊर्जा संयंत्र से जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन

प्रदूषण से मुक्ति, पैसों की बचत
जिला अस्पताल में एक 200 केवी और एक 40 केवी के दो जेनरेटर उपलब्ध हैं। बिजली गुल होने इन दोनों से ही काम लिया जाता है। विभाग से जानकारी के अनुसार जेनरेटर चलाने के बाद हर माह औसतन करीब 15 से 20 हजार रुपये का डीजल लग जाता है। जेनरेटर से निकलने वाले धुएं से वातावरण तो प्रदूषित होता है साथ में शोर के कारण अस्पताल में मरीजों को शोर झेलना पड़ता है। हालांकि जेनरेटर चलाने के बाद सीटी स्कैन और एसी का कनेक्शन जेनरेटर से अलग कर दिया जाता है। ऐसे में अगर सीटी स्कैन और एसी के कनेक्शन जेनरेटर से जोड़ दिए जाएं तो डीजल की खपत बढ़ जाएगी।

स्टोर होगी बिजली
अस्पताल में सोलर सिस्टम लग जाने के बाद इनवर्टर व बैटरी भी अटैच किया जाएगा। जिससे सौर ऊर्जा से बिजली के सभी उपकरण तो चलेंगे ही साथ ही अतिरिक्त ऊर्जा को बैटरी में स्टोर भी किया जा सकेगा। ऐसे में बिजली नहीं होने पर मरीजों को इलाज संबंधी कोई समस्या नहीं होगी।
विज्ञापन


प्रदेश सरकार की यह पॉलिसी है, जिसके तहत जिला के नागरिक अस्पताल समेत सभी सीएचसी व पीएचसी में सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक बनाने का सरकार का यह अच्छा फैसला है।
- गोविंद गुप्ता, सिविल सर्जन, सिरसा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें