अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
हरियाणा किसान मंच के बैनर तले वीरवार को सैकड़ों की संख्या में किसानों ने अर्धनग्न होकर मुआवजा राशि की मांग को लेकर लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद किसानों ने एएसपी को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन की अध्यक्षता मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने की। इस मौके पर प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने बताया कि सरकार लोक लुभावने वादे कर सत्ता में तो आ गई, लेकिन सत्ता में आने के बाद अपने वादे से मुकर रही है। और तो और किसानों की खराब हुई फसलों के लिए आए मुआवजे को लेकर किसान कितनी बार धरने प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ। अफसर शाही इतनी हावी है कि अधिकारी जनता की बात सुनकर ही राजी नहीं हैं। पूर्व में भी वे कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन अभी तक सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
उन्होंने किसानों की मांगों जिनमें सभी किसानों को कर्ज मुक्त किया जाए, फसल बीमा योजना की बजाय किसान राहत कोष का गठन किया जाए, इस राहत कोष में बीमा प्रीमियम राशि की तर्ज पर राशि जमा करवाई जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर किसानों को वह राशि उपलब्ध करवाई जाए, बीते वर्ष 2017 में ओलावृष्टि से खराब हुई राशि का मुआवजा दिया जाए तथा वर्ष 2018 में बीमा हुई खरीफ फसल की खराबे पर किसानों को आर्थिक नुकसान की भरपाई हेतु बीमा कंपनियों से क्लेम दिलाया जाए, गांव शक्कर मंदोरी, जोगीवाला, रोहिड़ांवाली, रिसालियाखेड़ा में खराब हुई फसलों का मुआवजा दिलवाया जाए, भीमा, थिराज, झोरडोही, झिड़ी, बीरूवालागुढ़ा, बड़ागुढ़ा व ढाबां में गांव लहंगेवाला से फ्लडी नहर का निर्माण करवाया जाए, ताकि किसानों के लिए पानी की उचित व्यवस्था हो पाए, गेहूं की फसल पर किसानों को 500 रुपये अतिरिक्त बोनस दिया जाए, किसानों को डॉ. स्वामीनाथन के हिसाब से नहीं, बल्कि बाजार की वस्तुओं पर होने वाले मुनाफे के आधार पर फसलों का मुनाफा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि जब भाजपा विपक्ष में थी तो मौजूदा कृषि मंत्री ने किसानों के हकों के लिए अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया था और आज जब वे सत्ता में आ गए तो किसानों की ओर से मुंह फेर लिया। कृषि मंत्री को याद दिलाने के लिए ही वे आज अर्धनग्न होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। बाद में किसान जैसे ही उपायुक्त कार्यालय की ओर बढे़ तो पुलिस ने गेट पर सुरक्षा घेरा डाल लिया और किसी को अंदर जाने नहीं दिया। ऐेसे में अधिकारी भी पीछेे के गेट से बाहर निकले। जब नगराधीश डॉ. वेद बैनीवाल ज्ञापन लेने आए तो किसानों ने उन्हें ज्ञापन देने से इंकार कर दिया। उनकी मांग थी कि डीसी ज्ञापन लेने आए। बाद में एएसपी नरेंद्र बिजारणिया ज्ञापन लेने पहुंचे और उन्होंने किसानों का समझा बुझाकर शांत किया तथा उनका ज्ञापन सीएम तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।