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गेहूं का उठान न करने पर भड़के आढ़ती, हड़ताल की घोषणा, शुक्रवार से बंद रहेगी मंडी

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सिरसा। आढ़ती एसोसिएशन सिरसा ने वीरवार को जनता भवन में एक बैठक का आयोजन किया। इसमें निर्णय लिया गया कि शुक्रवार को मंडी में कोई भी आढ़ती किसी भी किसान की फसल का तोल नहीं करेगा तथा ना ही कोई बोली लगेगी। सभी आढ़ती सुबह 10 बजे सभी मार्केट कमेटी के सामने धरने पर बैठेंगे। एसोसिएशन ने बताया कि शुक्रवार को हड़ताल के दौरान केवल उठान का कार्य किया जाएगा। बोली तथा तोल का कार्य पूर्ण रूप से बंद रहेगा। बता दे कि बीते दिनों गेहूं में चमक फीकी बताने के बाद खरीद एजेंसियों द्वारा माल से लदे ट्रक वापस लौटाने से नाराज आढ़तियों ने धरना दिया था। इसी के चलते अब हड़ताल की घोषणा कर दी गई।
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वीरवार साढ़े तीन बजे जनता भवन में अनाज मंडी सिरसा के प्रधान हरदीप सरकारिया की अध्यक्षता में आढ़ती इकट्ठे हुए। प्रधान हरदीप सरकारिया ने बताया कि हमारा पहले दिन का धरना सांकेतिक रहेगा, जिसमें अगर शाम तक हमारी मांगे मांग ली जाएगी तो हम अगले दिन काम शुरू कर देंगे। नहीं तो यह ऐसे ही चलेगा। उन्होंने बताया कि एफसीआई केवल रंग बदलने के दाने को ही गेहूं में चमक फीकी होना मान रही है। जबकि यह खड़ी फसल में बारिश के कारण हुआ है। उप प्रधान सुधीर ललित ने बताया कि हमारे प्रतिदिन 10 से 12 ट्रक एफसीआई को जाते रहे हैं। वहीं एफसीआई के कर्मचारी यह कह कर ट्रक वापस भेज रहे हैं कि उनकी चलती नहीं है। हमें आदेश है कि गेहूं में चमक फीकी होने पर गेहूं नहीं खरीद सकते। उन्होंने बताया कि तीन दिन से हमारे ट्रक खाली नहीं हो रहे हैं। प्रति ट्रक 7000 रुपये का किराया तथा मजदूरी हमें चुकानी पड़ रही है। तीन दिनों में एफसीआई के द्वारा नौ लाख बैग वापिस भेज दिए गए है। वहीं प्रधान हरदीप सरकारिया ने बताया कि हैफेड ने 6 लाख बैग गेहूं की खरीद की। जिसमें से केवल दो लाख 60 हजार बैगों का ही उठान हुआ। वहीं एफसीआई ने 65 हजार के लगभग बैग की खरीद की। केवल 18 हजार बैगों का ही उठान कर पाया। वहीं वेयर हाउस ने तीन लाख बैग खरीदें, जहां एक लाख 36 हजार बैगों का ही उठान करा पाई। वहीं डीएफसी ने दो लाख बैग देने पर केवल 80 हजार बैगों का उठान करवाया।
पैसों का भी नहीं कर रहे भुगतान
आढ़ती कृति गर्ग ने बताया कि एफसीआई तथा हैफेड ने अभी तक सभी आढ़तियों के लगभग 85 करोड़ रुपये रोक रखे हैं। जो ऑनलाइन का कहकर हमें गुमराह कर रहे हैं।प्रधान हरदीप सरकारिया ने बताया कि गेहूं में फीकी चमक को चेक करने का कोई पैमाना भी नहीं है। जिस प्रकार नमी की मात्रा की जांच की जा सकती है वैसे ही गेहूं में फीकी चमक को जांचने का कोई पैमाना होना चाहिए। इसमें बस सिर्फ गेहूं के दानों का रंग सफेद हुआ है ना कि यह खराब गेहूं है। बैठक के दौरान प्रधान हरदीप सरकारिया, सुधीर ललित, विनोद खत्री, अमर सिंह, कश्मीर कंबोज, रविंद्र बजाज, मनोज मेहता, बाबा रामदास, रामाचंद सरपंच, नवीन चिटकारा, विपिन, राजपाल, डब्बू जैन तथा रामकुमार चोयल बैठक के दौरान मौजूद रहे।
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