सिरसा। हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों की हड़ताल को चार दिन बीत जाने के बाद अभी तक सरकार ने बातचीत नहीं की है, जिससे स्पष्ट होता है कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाए हुए है और कर्मचारी नेताओं की सर्विस सेवाएं को सरकार जबरन सस्पेंड कर रही है। यह बात हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान सुनील यादव, जिला सचिव बूटा सिंह व जिला कोषाध्यक्ष बलबीर सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि सरकार रोडवेज विभाग को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। रोडवेज कर्मचारी यह लड़ाई अपने वेतन भक्तों को बढ़ाने के लिए नहीं लड़ रहे, बल्कि इस विभाग को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारी जो हड़ताल कर रहे हैं, उससे उनकी नौकरी को कोई खतरा नहीं है। हरियाणा सरकार पूर्णतया हठधर्मिता पर अड़ी हुई है और इसी के विरोध स्वरूप हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ सहित शिक्षा विभाग में कार्यरत जिला सिरसा के सभी संगठनों ने हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों का साथ देने का वादा किया है।
सिरसा जिले के लगभग सभी स्कूलों में अध्यापकों ने काले बिल्ले लगाकर शैक्षणिक कार्य किया। राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिरसा के प्रधानाचार्य सहीराम चाहर सहित अन्य प्राध्यापकों, अध्यापकों ने काले बिल्ले लगाकर शैक्षणिक कार्य किया। सुनील यादव ने कहा कि सरकार का दायित्व होता है कि वह जनहित से जुड़ी समस्याओं का समाधान करवाने का प्रयास करें। रोडवेज कर्मचारी भी बातचीत के माध्यम से हल चाहते हैं, मगर सरकार अपनी हठ के चलते समस्या का समाधान नहीं करवा रही है। अध्यापक संघ की मांग की है कि सरकार तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए समस्या का समाधान करवाए और बर्खास्त कर्मचारियों की सेवाओं को बहाल भी करें, अन्यथा सरकार को सभी विभाग के रोष को झेलना होगा।