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प्रशिक्षार्थियों के सहारे चल रही है रोडवेज की कर्मशाला

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सिरसा। सिरसा डिपो की कर्मशाला में तकनीकि कर्मचारियों की कमी के चलते रोडवेज की बसे रेंग-रेंग कर चल रही हैं। कर्मशाला में अप्रेंटिस करने वाले विद्यार्थियों के सहारे ही कार्य हो रहा है। डिपो में 1073 में 436 पद खाली पड़े हैं। कम से कम 20 बसें मरम्मत की प्रतीक्षा में खड़ी हुई हैं। अव्यवस्थाओं के चलते यात्रियों और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सिरसा डिपो की क र्मशाला में मुख्य मैकेनिक, मैकेनिक, इलेक्ट्रशियन, टॉयर मैन और अर्धकुशल कर्मचारियों की कमी के चलते कर्मशाला अजायबघर बनता जा रहा है। टायरों और कर्मचारियों की कमी के चलते करीब 20 से अधिक बसें मरम्मत की प्रतीक्षा में खड़ी रहती हैं। कर्मशाला में इस समय 60 फीसदी पद खाली पड़े हैं। कर्मशाला में 228 पदों में से 134 पद खाली पड़े हैं। महज 94 लोग काम कर रहे हैं। विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के करीब 100 से अधिक विद्यार्थियों की सेवाएं कर्मशाला के अफसरों को लेनी पड़ रही हैं। ये छात्र प्रशिक्षणार्थी हैं। ऐसे में रोडवेज की कर्मशाला में बसों को ठीक करने में मौजूदा स्टाफ के पसीने छूट रहे हैं।
कर्मशाला में सुपरवाइजर के 11 में से दो, कुशल स्टाफ के 108 में से 44, अर्ध कुशल स्टाफ के 55 में से 46 और अकुशल स्टाफ के 54 में से 42 पद खाली हैं। रोडवेज के ट्रैफिक स्टाफ में सुपरवाइजर के चार में से दो, निरीक्षक के 22 में से 16, वेलफेयर निरीक्षक का एक, यार्ड मास्टर का एक, चालक के 294 में से 65, अन्य चालक के छह, परिचालक के 294 में से 92 और अड्डा कंडक्टर के सभी 37 पद खाली हैं। प्रबंधन स्टाफ में राजपत्रित अधिकारी के आठ में से तीन, मिनिस्ट्रियल स्टाफ के 74 में से 37 और चतुर्थ श्रेणी के 60 में से 42 पद खाली हैं।
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गौरतलब हो कि काफी समय से कर्मचारियों की भर्ती न होने के चलते राज्य के विभिन्न रोडवेज कर्मशालाओं में बसों की मरम्मत में परेशानी हो रही है। रोडवेज कर्मचारी यूनियन के नेता मदन लाल खोथ और डिपो प्रधान कृष्ण कुमार ने बताया कि सिरसा डिपो में करीब 210 बसें हैं। कृष्ण कुमार ने बताया कि मैकेनिक के करीब 20 पद खाली हैं। इसी तरह से असिस्टेंट मैकेनिक के 30 जबकि इलेक्ट्रीशियन के 10 पद खाली हैं। टायरमैन के पांच पद, जबकि सीट रिपेयरिंग करने वाले पांच कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं। एक नियमित वक्त के बाद किसी भी वाहन के टायर बदलने की नौबत आ जाती है। रोडवेज कर्मशाला में पर्याप्त संख्या में टायरों का स्टाक न होने के चलते अनेक बसें बिना टायरों के कर्मशाला परिसर में खड़ी हैं। दूसरे कलपुर्जे तक नहीं हैं। सर्वकर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदन खोथ ने बताया कि डिपो में टायरों और बैटरी की कमी है। टायरों के अभाव में पंद्रह से अधिक बसें खड़ी हैं।
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