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डी-प्लान में घोटाले से उठा पर्दा

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डी-प्लान में घोटाले से उठा पर्दा
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- एडीसी ने जेई-एमई पर 12 लाख की डाली रिकवरी, की चार्जशीट की अनुशंसा
सिरसा।
डी-प्लान की राशि से किए गए घोटालों से अब पर्दा उठता नजर आ रहा है। डबवाली नगर परिषद क्षेत्र में करवाए गए कार्यों में हुई धांधली के मामले में अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार तोमर ने अपनी रिपोर्ट में जेई और एमई को जिम्मेदार ठहराते हुए 12 लाख रुपये से अधिक की रिकवरी डाली है। डबवाली के व्हीस्ल ब्लोअर गोपाल मित्तल ने डी-प्लान में धांधली किए जाने की शिकायत की थी, जिसके बाद जांच हुई। लगभग दो वर्ष तक चली जांच की के बाद आखिरकार एडीसी की ओर से नगर परिषद डबवाली के अधिकारियों के खिलाफ अपनी रिपोर्ट जारी कर दी है। एडीसी की ओर से लाखों रुपये की रिकवरी की अनुशंसा के अलावा सेक्शन-7 के तहत चार्जशीट करने की भी अनुशंसा की गई है।
अतिरिक्त उपायुक्त एवं मुख्य योजना तथा विकास अधिकारी अजय कुमार तोमर ने डबवाली नगर परिषद में भ्रष्टाचार की शिकायत के मामले में जांच रिपोर्ट उपायुक्त को प्रस्तुत कर दी है। जांच रिपोर्ट में एडीसी की ओर से डबवाली नगर परिषद के तत्कालीन जेई महेंद्र सिंह, एमई फूल सिंह, जेई सुरेंद्र कुमार, एमई जयवीर डूडी से 12 लाख 89 हजार 832 रुपये की रिकवरी करने की अनुशंसा की है। साथ ही सेक्शन-7 के तहत आरोपी अधिकारियों को चार्जशीट करने की भी अनुशंसा की गई है।
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किस से कितनी रिकवरी
कार्य का नाम अधिकारी रिकवरी राशि
सीवर पाइप और मेनहोल जेई महेंद्र सिंह और एमई फूल सिंह 362607
सीवर पाईप व मेनहॉल जेई सुरेंद्र सिंह व एमई जयवीर डूडी 576261
ईंटों के रेट में अंतर जेई सुरेंद्र सिंह व एमई जयवीर डूडी 19343
सीवर पाईप व मेनहॉल एमई फूल सिंह 53402
पाईप के रेट में अंतर जेई सुरेंद्र सिंह और एमई जयवीर डूडी 22280
सीवर लाइन में अंतर जेई सुरेंद्र सिंह 226905
गहराई में अंतर जेई सुरेंद्र सिंह 29034

इन अधिकारियों ने की थी जांच
व्हीस्ल ब्लोअर गोपाल मित्तल द्वारा की गई शिकायत के बाद जिला उपायुक्त द्वारा जांच कमेटी का गठन किया गया था। जांच टीम में एडीसी कार्यालय के तकनीकी विशेषज्ञ राजाराम, पंचायतीराज विभाग के एसडीओ योगेंद्र कुमार, सहायक परियोजना अधिकारी सुनील जाखड़, पंचायतीराज विभाग के जेई वीर सिंह शामिल किया गया था। इसके अलावा सीवरेज कार्य की जांच जनस्वास्थ्य विभाग मंडल संख्या-एक के कार्यकारी अभियंता से करवाई गई थी। जांच टीम ने मौके का निरीक्षण किया। सैंपल लिए और अपनी रिपोर्ट में भारी घोटाला पाया।
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गबन सिद्ध, एफआईआर हो दर्ज
शिकायतकर्ता का कहना है कि नगर परिषद डबवाली के जेई और एमई आदि द्वारा किए गए लाखों रुपये का गबन सिद्ध हो जाने पर जिला प्रशासन को ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाना चाहिए। दो वर्ष से अधिक समय से जांच चलती रही है। अब भी ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को सेक्शन-7 के तहत मात्र चार्जशीट ही किया जाएगा तब भ्रष्टाचार पर अंकुश कैसे लग पाएगा? एडीसी की रिपोर्ट के बाद जिला उपायुक्त से यह उम्मीद की जाती है कि वह भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगी।
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