सीडीएलयू अब अपने छात्रों का एकेडमिक डाटा खुद ही तैयार करेगी। यह फैसला प्राइवेट एजेंसी द्वारा शुल्क में बढ़ोत्तरी करने और भविष्य में विश्वविद्यालय द्वारा ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन कक्षाएं और परीक्षाएं करवाने को लेकर ध्यान में रखा गया। इस निर्णय से विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले 30 कॉलेजों के छात्रों का 17 साल पुराना शैक्षणिक रिकॉर्ड भी ऑनलाइन हो जाएगा। इन कॉलेजों में प्रतिवर्ष 35 हजार विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं। इसके लिए सीडीएलयू जल्द ही गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से एमओयू साइन करेगा।
गुरु जंभेश्ववर विश्वविद्यालय तीन साल तक सहयोग करेगा। सीडीएलयू अब अपना डाटा कलेक्शन सेंटर तैयार कर रहा है। इसलिए कुछ दिनों पहले आईटी सेल और ईडीपी सेल को मर्ज करके एक नया यूआईटीडीसी सेल बनाया गया। हालांकि सीडीएलयू के छात्रों का वर्ष 2017 से शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों का ही शैक्षणिक रिकॉर्ड ऑनलाइन है। लेकिन पिछले 14 साल का डाटा ऑनलाइन नहीं है। इसके लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
साथ डाटा कलेक्शन के लिए गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय हिसार के साथ मार्च महीने में एमओयू साइन करेगा। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय सीडीएलयू को साफ्टवेयर उपलब्ध करवाएगा। विश्वविद्यालय की आईटी सेल ने इसका ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया हैं और टीम हिसार में विश्वविद्यालय की विजिट भी कर चुकी है। खुद का डाटा कलेक्शन सेंटर तैयार होने के बाद विश्वविद्यालय 2003 से लेकर 2020 तक का शैक्षणिक डाटा ऑनलाइन अपलोड कर लेगा। पूरे 17 साल का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने के लिए विश्वविद्यालय निजी एजेंसी से छात्रों का पुराना डाटा हासिल करेगा।
पहले एजेंसी लेती थी 100 रुपये, विश्वविद्यालय लेगा न्यूनतम शुल्क
विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2003 में हुई थी। पिछले कई साल से एक सरकारी एजेंसी 100 रुपये प्रति छात्र वसूल करती थी। लेकिन अबकी बार उसने 150 रुपये चार्ज वसूलने का प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन विश्वविद्यालय ने इतना चार्ज देने से इनकार कर दिया। विश्वविद्यालय ने खुद ही डाटा कलेक्शन तैयार करने का फैसला लिया। छात्रों से न्यूनतम शुल्क वसूला जाएगा। इसलिए गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के साथ एमओयू साइन किया जा रहा है।
एमओयू साइन होने के बाद विश्वविद्यालय खुद ही छात्रों के ऑनलाइन एडमिशन करेगा और रिकॉर्ड भी ऑनलाइन रखेगा। साथ ही छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई और परीक्षा का विकल्प भी दिया जाएगा। क्योंकि प्रदेश के दूसरे विश्वविद्यालय अब भी ऑनलाइन परीक्षाएं ले रहे हैं। कोरोना कॉल में विश्वविद्यालय में सितंबर अक्टूबर 2020 की परीक्षाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन ली थी। ऑनलाइन परीक्षा के लिए निजी एजेंसी को हायर किया गया था।
विश्वविद्यालय ही तैयार करेगा डीएमसी
छात्रों का रिजल्ट अभी तक प्राइवेट एजेंसी से तैयार करवाया जाता है। परंतु डाटा कलेक्शन सेंटर तैयार होने के बाद विश्वविद्यालय के छात्रों का रिजल्ट और डीएमसी सीडीएलयू ही तैयार करेगी। क्योंकि विश्वविद्यालय में डिटेल मार्कशीट तैयार करने में एजेंसी काफी समय लगा देती है।
गुरु जंभेश्ववर विश्वविद्यालय हिसार से एमओयू किया जाएगा। विद्यार्थियों का पुराना शैक्षणिक रिकॉर्ड ऑनलाइन करने के लिए डाटा कलेक्शन सेंटर तैयार किया जा रहा है। जिससे कि भविष्य में ऑनलाइन कक्षाएं और परीक्षाएं करवाने का विकल्प भी मौजूद होगा।