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नप की नंदीशाला को संभालने के लिए रखीं 17 शर्तें

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17 conditions laid down to handle nandi shala of city council - फोटो : Sirsa
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नगर परिषद सिरसा ने शहर की सड़कों पर घूम रहे तीन हजार से ज्यादा बेसहारा पशुओं को रखने के लिए नंदीशाला तैयार कर चुकी है। इस नंदीशाला को समाज सेवी संस्था या एनजीओ को सुपुर्द करने के लिए नप ने 17 शर्तें तय की हैं। जो इन शर्तों का पालन करेगा, उन संस्थाओं को नगर परिषद सिरसा नंदीशाला की जिम्मेदारी सौंपेगी। नंदीशाला ने बिजली कनेक्शन के लिए पहले ही आवेदन किया हुआ है। संचालन के लिए संस्थाएं 19 नवंबर तक आवेदन कर सकती हैं। ऐसे में शहर के लोगों को जल्द ही सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं से निजात मिलेगी। क्योंकि इनके कारण कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
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शहर में करीब तीन हजार से ज्यादा बेसहारा पशु हैं। सीएम घोषणा के तहत केलनियां में नंदीशाला का निर्माण किया गया। इस पर करीब तीन करोड़ 11 लाख रुपये की लागत आई है। अब इसके संचालन के लिए नगर परिषद सिरसा ऐसी संस्था ढूंढ रहा है जो कि इसका रख रखाव अच्छी तरह से कर सके। साथ ही शहर में छुट्टा घूम रहे पशुओं को खुद ही पकड़कर नंदीशाला में रखे। नंदीशाला में केवल शहर के ही बेसहारा पशु रखे जाएंगे न कि बाहर के। इतना ही नहीं पशुओं को पकड़ने के दौरान यदि कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी भी संस्था की होगी। बतां दे कि नप द्वारा केलनियां में तैयार की गई 6 एकड़ की नंदीशाला में शहर में बेसहारा घूम रहे पशुओं को रखा जाएगा। इसके लिए फतेहाबाद की एक संस्था स्वामी सदानंद प्रणामी गो सेवा चैरीटेबल ट्रस्ट ने रख रखाव के लिए आवेदन किया था। इस संस्था ने दावा किया था कि ट्रस्ट देश में 82 गोशालाओं का संचालन कर रहा है। लेकिन नप ने एक प्रक्रिया के तहत आवेदन मांगने का निर्णय लिया और इसके लिए शर्तें निर्धारित की। जो ज्यादा शर्तें को पूरा करेगी, नप उनका ड्रा निकालेगी।
नंदीशाला संभालने के लिए ये रखी गईं शर्तें
इच्छुक समाजसेवी संस्था को नगर परिषद सिरसा द्वारा नंदीशाला के बिजली बिल व पानी के बिल की अदायगी की जाएगी। उक्त नंदीशाला में रखे जाने वाले पशुओं के खाने के चारे व बीमार पशुओं की दवाई आदि का प्रबंधन भी संस्था को ही करना होगा। संस्था को आवारा घूम रहे पशुओं को पकड़ कर नंदीशाला में रखना होगा, उक्त पशुओं को लेकर प्रशासन या न्यायालय द्वारा जो भी निर्देश दिए जाएंगे, उसे मानना होगा। बेसहारा पशुओं के कारण कोई दुर्घटना होती है तो संस्था की पूर्ण जिम्मेदारी होगी। नंदीशाला में भेजे गए पशुओं से संबंधित रिकॉर्ड भी संस्था को रखना होगा, पशुओं को पकड़ने के लिए लेबर व रस्से का प्रबंध भी संस्था ही करेगी, पशुओं को पकड़ने के लिए ट्रैक्टर-ट्राली नगर परिषद उपलब्ध करवाएगी, पशु पकड़ने के दौरान यदि किसी का भी नुकसान होता है या पशु की मौत होती है तो उसकी जिम्मेदारी संस्था की होगी। पशुओं को पकड़ते हुए संस्था पशुओं के प्रति क्रूरता नहीं बरतेगा और न ही पशुओं को बूचड़खाने व किसी अन्य व्यक्ति को बेचेगा। यदि ऐसा करता पाया गया तो संस्था के खिलाफ प्रीवेंशन ऑफ क्रूएलटी टू एनिमल एक्ट के तहत कार्यवाही की जाएगी। सरकार द्वारा समय समय पर लागू किए जाने पशु पकड़ने व छोड़ने के नियमों की पालना करनी होगी। पशु पकड़ने के दौरान किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी समाज सेवी संस्था की होगी, किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न होने पर सिरसा के उपायुक्त आरबीट्रेटर होंगे, जिनका फैसला दोनों पक्षों को मान्य होगा, पशुओं को पकड़ने के दौरान यदि आम व्यक्ति बाधा उत्पन्न करेगा तो नप संस्था की मदद करेगी। इसमें केवल शहर के ही पशु रखे जाएंगे। नंदीशाला के रख रखाव व टूट फूट की जिम्मेदारी संस्था की होगी।
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हमने नंदीशाला के संचालन के लिए शर्तें तैयार कर ली हैं और आवेदन भी मांग लिए गए हैं।
-अमन ढांडा, ईओ, नगर परिषद सिरसा।
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