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अस्पताल में बैठी रही प्रसव पीड़िता, स्टाफ नर्स पड़ोस में मार रही थी गप्पें

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अस्पताल में बैठी रही प्रसव पीड़िता, स्टाफ नर्स पड़ोस में मार रही थी गप्पें
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ओढां। 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं मुहैया करवाने वाले सरकारी अस्पतालों में कर्मचारियों की लापरवाही किस तरह से मरीजों पर भारी पड़ रही है। इसका एक उदाहरण पन्नीवाला मोटा केे प्राथमिक स्वास्थय केन्द्र में देखने को मिला। यहां प्रसव पीड़ित एक महिला को अस्पताल में पौने घंटे तक इलाज के लिए दरकार झेलनी पड़ी। मामला जब एसएमओ तक पहुंचा तो अस्पताल की कर्मचारी आनन-फानन में अस्पताल मेें पहुंची। इस लापरवाही पर कर्मचारी सफाई पेश करते नजर आए।
पन्नीवाला मोटा निवासी कृष्ण कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी की डिलीवरी होने मेें अभी कुछ दिन शेष है। वह अपनी पत्नी को पेट में दर्द होने के चलते बुधवार शाम छह बजे प्राथमिक स्वास्थय केन्द्र में लेकर आया था। उसने बताया कि जब हॉस्पिटल पहुंचा तो वहां पर स्टाफ नर्स के कमरे को ताला लगा हुआ था और अस्पताल में कोई नहीं था। जिस पर उसने गांव की एएनएम को कई बार फोन किया लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। जिसके बाद उसने एएनएम के घर पर जाकर भी आवाज लगाई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अस्पताल में इस लापरवाही पर कृष्ण कुमार ने मामले की सूचना एसएमओ डॉ. भूषण गर्ग व ग्राम सरपंच सतवीर कस्वां को दी। एसएमओ ने भी स्टाफ नर्स व एएनएम को फोन किया लेकिन उक्त कर्मचारियों ने फोन नहीं उठाया। मामला मीडिया में आने के बाद कर्मचारी करीब पौने घंटे बाद अस्पताल में पहुंचे। डयूटी पर तैनात स्टाफ नर्स रीना ने सफाई देते हुए कहा कि वह पड़ोस में रह रही एएनएम सिलोचना केे घर पर गई हुई थी। तो वहीं चत्तुर्थ श्रेणी कर्मचारी छोटू राम ने कहा कि उसकी डयूटी पौने 6 बजे से शुरू हो गई थी लेकिन वह उस समय घर पर था। वह डयूटी पर पौने घंटे बाद पहुंचा।
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कार्रवाई होगी
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मेरे पास अस्पताल से फोन आया था कि वहां पर कोई नहीं है। मैंने स्टाफ नर्स को फजोन भी किया था, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। इस मामले में लापरवाही तो बरती गई है। मैंने उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है। लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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भूषण गर्ग, एसएमओ (ओढां)
कोट्स
मेरी डयूटी 6 बजे शुरू हो गई थी लेकिन अस्पताल में कोई न होने के चलते मैं पड़ोस में रहने वाली एएनएम सिलोचना के यहां चली गई थी। हां, मैं पौने घंटे बाद डयूटी पर पहुंची थी। आगे से इस बारे ध्यान रखा जाएगा।
रीना, स्टाफ नर्स
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