सिरसा। साध्वी यौन शोषण और छत्रपति हत्याकांड में सजा काट रहे डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम द्वारा कृषि कार्य के लिए पेरोल मांगने को लेकर राजस्व विभाग ने अपनी रिपोर्ट सिरसा पुलिस को सौंप दी है। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम के नाम पर सिरसा में कृषि योग्य भूमि नहीं है।
डेरे के ट्रस्ट के नाम पर करीब 260 एकड़ कृषि योग्य भूमि है। लेकिन डेरा प्रमुख के नाम पर कोई भूमि नहीं है। डेरे की यह जमीन बेगू, नेजिया और अली मोहम्मद गांव के रकबे में आती है। राजस्व विभाग ने अपनी रिपोर्ट एसआईटी को सौंप दी है। हालांकि अभी एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट सिरसा एसपी को नहीं सौंपी। लॉ ऐंड ऑर्डर को लेकर भी एसपी सिरसा ने सिरसा सदर थाना प्रभारी और सिटी थाना प्रभारी से रिपोर्ट मांगी हुई है।
बता दें कि डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने कृषि कार्य के लिए पेरोल मांगी है। जिस पर सिरसा पुलिस ने राजस्व विभाग से डेरा सच्चा सौदा और डेरा प्रमुख की कृषि भूमि का रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के लिए कहा है। जिससे पता किया जा सके कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के पास कृषि योग्य भूमि है या भी नहीं। डेरा या ट्रस्ट की जमीन को डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम की व्यक्तिगत कृषि भूमि नहीं माना जाएगा। जानकारी अनुसार डेरा सच्चा सौदा के पास करीब 800 एकड़ जमीन है। जिसमें से करीब 260 एकड़ जमीन कृषि योग्य है।
ये है मामला
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह की ओर से कृषि कार्य के लिए पेरोल मांगी गई है। रोहतक के जेल अधीक्षक की ओर से इस संबंध में सिरसा के उपायुक्त से रिपोर्ट मांगी है। पूछा गया है कि क्या कैदी गुरमीत सिंह को पेरोल देना उचित होगा या नहीं? पत्र अनुसार इस बारे में जिला प्रशासन अपनी सिफारिश आयुक्त रोहतक को भेजेंगे। जानकारी अनुसार रोहतक जेल अधीक्षक द्वारा पेरोल बारे मांगी गई रिपोर्ट में डेरा प्रमुख पर सीबीआई कोर्ट द्वारा पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में भी दोषी करार दिए जाने के अलावा दो अन्य मामले लंबित होने का भी उल्लेख किया गया है। पत्र में बताया गया है कि बंदी गुरमीत सिंह का जेल में आचरण अच्छा है और उसने जेल में कोई अपराध भी नहीं किया है। अब जिला प्रशासन को डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की पेरोल को लेकर अपनी अनुशंसा सौंपनी है। प्रशासन को यह आकलन करना होगा कि डेरा प्रमुख की पेरोल के लिए अनुशंसा की जाए या अथवा नहीं।
दो मामलों में सजा काट रहे हैं डेरा प्रमुुख
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत सिंह को सीबीआई कोर्ट द्वारा 25 जुलाई 2017 को दो साध्वियों के साथ दुष्कर्म का दोषी करार दिया गया था। सीबीआई कोर्ट ने 28 अगस्त को दोनों मामलों में उन्हें 10-10 साल की कैद और 15 लाख-15 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके अतिरिक्त सांध्य दैनिक पूरा सच के संपादक रामचंद्र छत्रपति की हत्या मामले में भी सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह को दोषी करार दिया था। हत्या के इस मामले में कोर्ट ने गुरमीत सिंह को आजीवन कठोर कारावास और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके अतिरिक्त डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह के दो मामले कोर्ट में ट्रायल पर है। इनमें एक रणजीत सिंह हत्या का और दूसरा डेरा प्रेमियों के अंडकोष निकालने का है।
हमने अपनी रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। इस बारे में मैं ज्यादा कुछ नहीं बता सकता।
- प्रदीप कुमार, तहसीलदार, सिरसा।
अभी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट तैयार करने में समय लगेगा।
- अरुण सिंह, एसपी, सिरसा।