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डिस्पेंसरियों में नहीं भेजी मार्च में आईं दवाइयां

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सिरसा। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में मार्च महीने में साढ़े छह लाख रुपये की आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक दवाओं का स्टॉक पहुंचने के बाद भी जिले की सात डिस्पेंसरियों तक दवाईयां नहीं पहुंची हैं। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के अलावा रानियां, ओढ़ां, बडागुढा, ऐलनाबाद, चोपटा, हुडा और खेरपुर में स्थित सीएससी डिस्पेंसरियां हैं।
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ये दवाइयां डिस्पेंसरियों में स्टॉक आने के बाद 15 दिन में पहुंचानी थी। लेकिन स्टॉक आए तीन महीने होने जा रहे हैं पर अभी तक दवाइयां सीएससी सेंटरों में पहुंची ही नहीं है। क्योंकि जिला आयुष विभाग ने पंचकूला लैब में जो सैंपल भेजे हैं, उनकी रिपोर्ट नहीं आई। रिपोर्ट न आने के कारण जिले के गांवों के मरीजों को इलाज के लिए शहर आना पड़ता है।
बता दें कि मार्च में छह माह से पहले आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक दवाओं का पूर्ण स्टॉक अस्पताल में नहीं था। जिस कारण से मरीजों को अस्पताल से बिना आयुर्वेदिक इलाज के वापिस लौटना पड़ता था।
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पथरी, पीलिया, कैंसर, रसोली की हैं दवाइयां
बीती 25 मार्च 2019 से पहले दवाईयां का स्टॉक सीएचसी सेंटरों में नहीं था। आयुष विभाग के होम्योपैथिक स्पेशलिस्ट डॉ. जयपाल गोयल ने चंडीगढ़ मुख्यालय में सूचना भेजकर कहा था कि अस्पताल में आयुर्वेदिक इलाज करवाने वाले मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है और यहां पर दवाई नहीं हैं। जिस कारण से मरीजों को मायूूस होकर लौटना पड़ रहा है। तब आयुर्वेदिक अस्पताल में जयपुर से 84 प्रकार की दवाइयां पहुंचीं थी। जिनमें मुख्यत: पथरी, पीलिया, कैंसर रसोली, जोड़ रोग संबंधी, खांसी, जुकाम तथा बुखार की दवा शामिल हैं। विभाग ने अभी तक दवाइयों को स्टोर से बाहर ही नहीं निकाला है। डॉ. जयपाल गोयल ने बताया कि प्रतिदिन 60 से 70 लोग इलाज के लिए आते हैं। जिसमें से ज्यादातर लोग गांव से ही होते हैं।

मई में दवाईयों की रिपोर्ट के लिए पंचकूला सैंपल भेजे गए हैं। इस पर एक महीना सैंपल की रिपोर्ट आने में लग जाता है। जिसके बाद सभी दवाइयां डिस्पेंसरियों में भेजी जाती हैं। दवाइयों का स्टॉक धीरे-धीरे आया है। रिपोर्ट आने में समय लग गया है। मार्च में जो साढ़े छह लाख की दवाई आई थी वह एक साथ नहीं आई हैं।
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- डॉ. गिरीश चौधरी, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी।
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