ऐलनाबाद। खंड के गांव पोहड़का के एक ईंट भट्ठा से प्रशासन ने बंधुआ मजदूरों को मुक्त करवाया है। वहीं उपमंडल अधिकारी ने उचित कार्रवाई का आदेश देते हुए पुलिस व लेबर निरीक्षक को आदेश दिया है कि वे इन मजदूरों को उनके गांव सुरक्षित छोड़कर आएं।
जानकारी के अनुसार गांव पोहड़का के जिंदल बीकेओ ईंट भट्ठा का मालिक सोनू जिंदल यूपी के जिला शाहजहांपुर से करीब 14 परिवारों को ईंट भट्ठे पर लेबर का कार्य करने के लिए लाया था। इन मजदूरों का कहना है कि ईंट भट्ठे के मालिक ने कुछ माह काम देने के बाद, इन्हें काम नहीं दिया व इन मजदूरों का हिसाब भी नहीं किया। इन मजदूरों को मालिक ने भट्ठे पर बंधुवा मजदूर बना लिया। जब मजदूरों ने इस की शिकायत दिल्ली के ह्यूमन राइट कमीशन से की तो मजदूरों ने बताया कि वीरवार को भट्ठे पर उनके साथ मारपीट भी की गई। जिससे वहां पर मौजूद महिलाओं को काफी चोटें आई। मारपीट में घायल मजदूर महिलाओं को सिरसा के सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। मजदूरों की शिकायत मिलने पर दिल्ली ह्यूमन राइट कमीशन से ऐलनाबाद पहुंची रिंकू परिहार ने उपमंडल अधिकारी अमित गुलिया से मुलाकात कर, उन्हें सारी घटना बताई। जिस पर कार्रवाई करते हुए उपमंडल अधिकारी ने एक कमेटी का गठन किया। जिसमें लेबर निरीक्षक, तहसीलदार व खाद् आपूर्ति विभाग के निरीक्षक को शामिल किया गया। कमेटीे पुलिस के साथ मौके पर पहुंची तथा वहां मजदूरों के ब्यान लिए। कमेटी ने वहां से मजदूरों को मुक्त करवाया। पुलिस ने मजदूरों की शिकायत पर कुछ लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला भी दर्ज कर लिया है। उपमंडल अधिकारी अमित गुलिया पूरे मामले की जानकारी उपायुक्त व उच्चाधिकारियों को देते हुए खाद् आपूर्ति विभाग के निरीक्षक व लेबर निरीक्षक को उचित कार्रवाई के आदेश दिए हैं। वहीं लेबर निरीक्षक व पुलिस को हिदायत की है कि वे इन मजदूरों को उनके गांव तक सुरक्षित छोड़कर आए।