सिरसा। दि सिरसा केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन के पद से सुरेंद्र नेहरा ने इस्तीफा दे दिया। जीएम सुरेंद्र भादू ने सुबह 11 बजे अविश्वास प्रस्ताव की बैठक शुरू होने पर कहा कि 15 जून की शाम को ही चेयरमैन ने इस्तीफा भेज दिया था। बैठक में करीब सात निदेशक पहुंचे। जबकि दो महिला निदेशक बैठक से अनुपस्थित रही। फिलहाल दि सिरसा केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन का कार्यभार वाइस चेयरमैन गुरचेत सिंह को सौंपा गया है। चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैंक के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
दि सिरसा केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन सुरेंद्र नेहरा की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट निदेशक उनके खिलाफ कुछ दिनों पहले अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। अविश्वास प्रस्ताव पर सोमवार को बैंक में मीटिंग हुई। बैठक में भाग लेने के लिए निदेशक मोहन लाल झोरड, मोहन सिंह, गुरचेत सिंह, रोशनलाल, रेशम सिंह, गुरदेव सिंह इकट्ठे पहुंचे। जबकि चेयरमैन सुरेंद्र नेहरा अकेले ही पहुंचे। जैसे ही बैठक शुरू हुई तो निदेशकों ने चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करने की मांग रखी। तब जीएम सुरेंद्र भादू ने कहा कि चेयरमैन ने 15 जून को इस्तीफा भेज दिया था। तब निदेशकों ने आपत्ति जताई कि इस संबंध में उन्हें सूचना क्यों नहीं दी गई। तब जीएम सुरेंद्र भादू ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 16 जून को रविवार को अवकाश होने के कारण वे सूचना नहीं दे पाए। निदेशकों ने चेयरमैन के इस्तीफे के बाद रजिस्ट्रार समितियां हरियाणा को नए चेयरमैन के चुनाव के लिए तिथि निर्धारित करने के लिए लिख दिया। फिलहाल चेयरमैन के त्यागपत्र के बाद वाइस चेयरमैन गुरचेत सिंह के पास चेयरमैन का चार्ज रहेगा।
ये था मामला
पूर्व मंत्री व भाजपा नेता जगदीश नेहरा के पुत्र सुरेंद्र नेहरा दि सिरसा केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन थे। वे 24 जुलाई 2016 को दि सिरसा केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन चुने गए थे। लेकिन उनकी कार्यप्रणाली से असंतुष्ट 6 निदेशक 26 मार्च 2019 को शपथ पत्र देकर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए। बैंक के डायरेक्टर ने रजिस्ट्रार सहकारी समितियां हरियाणा को पत्र भेजकर अविश्वास प्रस्ताव के लिए तारीख निश्चित करने के लिए अनुरोध किया था। 26 अप्रैल 2019 को रजिस्ट्रार सहकारी समिति हरियाणा ने सिरसा केंद्रीय सहकारी बैंक को पत्र लिखकर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करवाने के निर्देश दिए। लेकिन चुनाव के दौरान आचार संहिता के कारण तारीख तय नहीं की जा सकी।
दस निदेशक होते हैं बैंक के, मौजूदा समय में नौ
दि सिरसा केंद्रीय सहकारी बैंक के अलग अलग जोन से दस सदस्य होते हैं। मौजूदा समय में बैंक के नौ सदस्य हैं। एक सदस्य के चुनाव को लेकर कोर्ट केस चल रहा है। दस सदस्यों में से सात कृषि क्षेत्र से होने चाहिए। जबकि तीन नॉन एग्रीकल्चर क्षेत्र से होने चाहिए। दस में से दो महिलाएं होनी चाहिए और एक अनुसूचित जाति का डायरेक्टर होना चाहिए। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले निदेशकों को चेयरमैन को पद से हटाने के लिए 6 निदेशकों का मत चाहिए। निदेशक का कार्यकाल पांच वर्ष के लिए होता है। निदेशक अपने में से ही एक चेयरमैन और वाइस चेयरमैन चुनते हैं। मौजूदा समय में दि सिरसा केंद्रीय सहकारी बैंक के नौ सदस्यों में सुरेंद्र नेहरा, मोहन लाल झोरड, मोहन सिंह, गुरचेत सिंह, रोशनलाल, बिमला देवी, रेशम सिंह, गुरदेव सिंह और सरोज हैं।
मेरे कार्यकाल में सहकारी बैंक ने लाभ कमाया। लोगों को बैंक की स्कीमों की जानकारी मिली। मैंने शनिवार को ही इस्तीफा दे दिया था। मुझे इन्हीं निदेशकों ने चेयरमैन चुना था। यदि ये निदेशक मेरी कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं थे तो वे पहले ही इस्तीफा दे देते। अविश्वास प्रस्ताव लाने की जरूरत ही नहीं पड़ती।
- सुरेंद्र नेहरा, निवर्तमान, चेयरमैन, दि सिरसा केंद्रीय सहकारी बैंक।
हमने नए चेयरमैन के चुनाव के लिए रजिस्ट्रार सहकारी समितियां मुख्यालय को पत्र भेज दिया है। वहां से ही नए चेयरमैन के चुनाव के लिए तिथि घोषित होगी।
- सुरेंद्र भादू, जीएम, दि सिरसा केंद्रीय सहकारी बैंक, सिरसा।