सिरसा। बुधवार को हरियाणा वेयर हाउस ने एक दिन के लिए गेट पास मिले हुए किसानों की सरसों खरीद शुरू की। वहीं हरियाणा वेयर हाउस का नियम के अड़चनों के कारण एक भी किसान सिरसा व चोपटा अनाज मंडी में नहीं बेच पाया। हरियाणा वेयर हाउस के अधिकारियों ने सुबह किसानों को बताया कि जिस किसान की सरसों के 11 मई से पहले टोकन कटे हुए हैं तथा उनकी सरसों की फसल अभी तक मंडी में पड़ी हुई है। डिंग मंडी में करीब 12 हजार क्विंटल की खरीद सरकारी एजेंसियों ने की। बुधवार को लगभग 10 किसान मंडी में अपनी फसल को लेकर आए थे। जिनमें से 8 किसानों के सरकारी गेट पास कटे हुए थे। लेकिन किसी भी किसान की फसल नहीं बिकी। हरियाणा वेयर हाउस के नियम के अनुसार उसी किसान की फसल खरीदी जाएगी जो किसान 11 मई से पहले टोकन कटा हैं और चार जून तक मंडी में अपनी फसल को लेकर बैठा है। लेकिन इस नियम की अड़चन के चलते एक भी किसान अपनी फसल नहीं बेच पाए। किसान प्राइवेट फर्मों को फसल बेच कर चले गए।
अनाज मंडी सिरसा में अली मोहम्मद से पहुंचे किसान निहाल सिंह ने बताया कि वह इससे पहले जब गांव का सरकारी खरीद में नंबर आया था तब 24 क्विंटल सरसों मंडी में बेची थी। इसके बाद उसका दोबारा नंबर नहीं आया। उस समय बाकि बची सरसों को वह घर पर ले गया था। बुधवार को वह अपनी बची हुई सरसों को लेकर मंडी में आया है। लेकिन वेयर हाउस के नियम के कारण फसल नहीं बिकी। किसान दिवान चंद ने बताया कि वह पहली बार अनाज मंडी में सरसों को लेकर आया है। उसके दो एकड़ जमीन है। जब सरसों खरीद के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरे गए थे तब हमनेे बहुत प्रयास किया था लेकिन पता नहीं किस कारण से नंबर नहीं लग पया। इसलिए उसे निजी फर्म को सरसों बेचनी पड़ी।
कंवरपुरा के दलीप सिंह ने बताया कि उसकी पहली बारी में केवल 25 क्विंटल सरसों की बिक्री हुई थी। उसके पास 17 क्विंटल सरसों अभी तक बाकी रह गई थी। जिसे बाद में उसे घर पर लेकर जाना पड़ा था। वह बुधवार को बची हुई सरसों को बेचने आया था। लेकिन खरीद एजेंसी ने कहा कि उसका टोकन नहीं कटा और न ही उसकी फसल मंडी में पड़ी थी। इसलिए वेयर हाउस के कर्मचारी ने कहा कि नई आई ढेेरी की खरीद नहीं की जाएगी। इसमें वही किसान अपनी सरसों को बेच सकता है जो 11 मई से पहले टोकन कटवाकर मंडी में अपनी फसल को लेकर बैठा है।
10 मई से पहलेे कटे टोकन फिर भी नहीं बेच पाया किसान अपनी सरसों
अरनियांवाली से किसान अमीलाल ने बताया कि उसने बुधवार सुबह मार्केट कमेटी में फोन किया और जानकारी ली की आज सरसों की खरीद होगी या नहीं। इस पर कर्मचारी ने बताया कि बुधवार वेयर हाउस सरसों को खरीद रहा है। किसान अमीलाल सुबह अपनी सरसों लेकर पहुंच गया। जब किसान मंडी में पहुंचा तो वह सरकारी खरीद की दुकान नंबर 13 में गया। वहां पर कर्मचारियों ने किसान को मार्केट कमेटी से पता करने के लिए कहा। किसान मार्केट कमेटी पहुंचा तो वहां पर कर्मचारी कृष्ण ने बताया कि उसका 13 मई को टोकन कटा हुआ है तथा वह अपनी सरसों को घर भी ले गया था। जिस कारण से उसकी सरसों वेयर हाउस नहीं खरीद सकता। किसान ने बताया कि वह अपनी फसल को लेकर दुखी हो गया है। कोई भी किसान अपनी फसल को लेकर एक महीने तक मंडी में कैसे बैठ सकता है। किसान को समय पर पैसों की जरूरत होती है, इसके लिए वह अपनी फसल समय पर बेचता है।
चोपटा के 11 किसानों के सरसों की बजाय गेहूं के काटे गेटपास
सीजन के दौरान चोपटा के किसान जब सिरसा मार्केट कमेटी में सरसों के गेट पास के लिए आए तो उनको वापिस चोपटा भेज दिया गया। वहां पर किसानों ने अपने गेट पास जारी करवाए। लेकिन मार्केट कमेटी चोपटा के कर्मचारियों ने किसानों के सरसों की बजाय गेहूं के गेट पास जारी कर दिए गए। किसानों को कोई मैसेज नहीं मिला। उन हें बाद में कमेटी से जानकारी मिली कि उन्हें सरसों की जगह गेहूं का गेट पास जारी कर दिया गया है। जब किसानों ने इसकी शिकायत दी तो सिरसा मार्केट कमेटी के कर्मचारी उसे अपडेट करने में जुटे। ल ेकिन विभागीय कर्मचारियों की गलती का खामियाजा किसानों की सरसों की सरकारी खरीद न होने पर भुगतना पड़ा।
अभी तक सरकारी तथा निजी आढ़ति को बेची गई सरसों का ब्योरा
मंडी सरकारी खरीद निजी खरीद
सिरसा 106729 21010
कालांवाली 70922 15566
ऐलनाबाद 54165 22460
रानियां 74972 0
डिंग 118826 814
कुल खरीद 586643 82713
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11 मई से पहले जो टोकन कटे हैं तथा जिन किसानों की सरसों अभी तक मंडी में पड़ी है, उन्हीं किसानों की सरसों खरीदी जाएगी। नई आने वाली सरसों तथा बाद में कटे टोकन की सरसों नहीं ली जाएगी। सरकारी रेट पर सरसों केवल एक दिन के लिए ही खरीदी गई है। जिसमें ना ही सिरसा मंडी में तथा ना ही चोपटा मंडी में कोई किसान अपनी सरसों बेचने के लिए मौजूद था। सिरसा में कोई टोकन बकाया नहीं है। जितने सिरसा के टोकन थे सभी की खरीद की जा चुकी है। सिरसा डीएम अजय कुमार छुट्टी पर होने के कारण मेरी एक दिन के लिए यहां पर ड्यूटी लगाई गई है। हमें सुबह आठ से नौ बजे की बीच मुख्यालय से संदेश आया कि 11 मई से जो सरसों मंडी में पड़ी है उसकी ही खरीद की जानी है। सिरसा व चोपटा मंडी में अभी तक कोई भी किसान मौजूद नहीं है।
--कृष्ण मलिक, डीएम वेयर हाउस, सिरसा।
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चोपटा मंडी के किसानों के गेट पास गलत कटे थे। इस पर उस समय किसी भी किसान ने कोई शिकायत नहीं दी थी। अब इस समय किसान अपनी समस्या लेकर आ रहे हैं। इसके लिए हमने मुख्यालय में शिकायत डाली हुई है। ज्यादा समय निकलने के बाद दोबारा अपडेट होना मुश्किल हो रहा है।
--विकास सेतिया, मार्केट कमेटी सचिव, सिरसा।