हरियाणा में अब विद्यार्थियों को लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए एसडीएम कार्यालयों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। विद्यार्थियों के लर्निंग लाइसेंस उनके शैक्षणिक संस्थानों में ही बनेंगे और इसके लिए संस्थानों के अधिकारियों को ये अधिकार दिए जाएंगे। अब तक लर्निंग लाइसेंस एसडीएम कार्यालय में ही बनाए जाते थे।
हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में सीएम मनोहर लाल ने हरियाणा मोटर वाहन नियम 1993 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की। यह संशोधन शिक्षण संस्थानों के अधिकारियों को अपने संबंधित संस्थानों के छात्रों को गैर परिवहन वाहनों के लिए लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के लिए लाइसेंसिंग प्राधिकारी के रूप में कार्य करने में मदद करेगा।
संशोधन के अनुसार, विद्यार्थियों को लर्निंग लाइसेंस जारी करने के संबंध में राज्य में विश्वविद्यालयों और संस्थानों के विभिन्न अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र के तहत मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 7 एवं 8 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के नियम 4, 10 और 11 के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार गैर परिवहन वाहन के लिए लाइसेंसिंग अधिकारी होंगे।
इनमें सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार, मेडिकल कॉलेजों के निदेशक, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त इंजीनियर्स और प्रौद्योगिकी संस्थानों के निदेशक व प्राचार्य, राजकीय कॉलेज एवं सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज के प्राचार्य, राजकीय शिक्षा कॉलेज एवं सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षा कॉलेजों के प्राचार्य, सरकारी बहु तकनीकी एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्राचार्य, राजकीय नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य, राजकीय फार्मेसी कॉलेजों के प्राचार्य और राजकीय आयुर्वेदिक, होम्योपैथी, एलोपैथिक एवं यूनानी कॉलेजों के निदेशक एवं प्राचार्य शामिल हैं।