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बरसात के साथ चली तेज हवा से पीले व सफेद सोने की फसलें गिरी, रविवार को भी फसलों पर बरसी आफत

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बारिश के साथ चली तेज हवा चलने से धान और कपास की फसलें गिरीं
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सिरसा/रानियां। शनिवार सुबह से शुरू हुई बारिश अगले दिन रविवार शाम तक नहीं रुकी। रविवार को बारिश के साथ तेज हवाओं ने भी धान और कपास की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार धान की 1509 वैरायटी पकने को तैयार है। बालियों में दाने भर चुके हैं। बारिश से न खेतों में खड़ी फसल में पानी भर गया बल्कि कई जगह फसल गिर गई। धान की अन्य वैरायटियों 1401, 1121, 1637, 1728 में भी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बारिश का सिलसिला रविवार को भी रुक रुक चलता रहा। इस दौरान किसान बारिश बंद होने की दुआ करते रहे, लेकिन बारिश के रुकने तक उनकी मेहनत भीग चुकी थी। धरती पर बिछी फसलें तेज हवाओं व बरसात से न सिर्फ खेतों में खड़ी फसल में पानी खड़ा हो चुका है, बल्कि अनेक जगहों पर फसलें गिर कर धरती पर बिछ गई हैं। किसानों का कहना है कि बारिश से धान की बालियां झड़ गई हैं, यानी दाना निकलकर जमीन पर गिर गया है। बरसात के साथ तेज हवा से धान की बालियों के दाने काले हो रहे हैं। उनमें फंगस आदि बीमारियां पनपने का खतरा बढ़ गया है। जिससे उत्पादन व गुणवत्ता दोनों पर असर होगा। कपास की फसल पर भी बरसात ने भारी नुकसान पहुंचाया है। बरसात से कपास भीग गई और कई जगहों पर कपास की फसल गिर गई।
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यहां इतनी हुई बारिश
सिरसा 18 एमएम
ओटू 10 एमएम
पंजुआना 12 एमएम
रोड़ी 10 एमएम
कालांवाली 20 एमएम
खुईयां 20 एमएम
अबूबशहर 14 एमएम
गोलेवाला 10 एमएम
फसल को लेकर असमंजस में किसान
बारिश की वजह से फसलों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि नुकसान अभी थोडा कम देखा जा रहा है। बारिश अगर कुछ अधिक हो जाए, तो धान की फसल के लिए संकट पैदा होगा। बरसात का असर अगले दिनों में सामने आ सकता है। धान व नरमा की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। दाने काले व नरमा कपास पर भी इसका प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। क्षेत्र में अभी करीब 26 हजार हेक्टेयर में धान व कपास की फसल लहलहा रही है। तेज हवा चलने के कारण कई फसलों धान के अलावा जैसे नरमा, कपास और दलहन को भी नुकसान हो सकता है। वर्षा अगर कुछ अधिक हो जाए, तो धान की फसल के लिए संकट पैदा होगा।
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मात्रा व गुणवत्ता पर पड़ेगा प्रभाव
हल्की वर्षा से धान की मात्रा एवं गुणवत्ता पर दुष्प्रभाव पड़ने की संभावना है। खड़ी फसल को अभी थोड़ा ही नुकसान हुआ है। अगर मौसम सही रहता है तो ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। अगर मौसम बिगड़ता है तो ज्यादा नुकसान हो सकता है।
आत्मा राम, कृषि अधिकारी
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