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ओटू हैड से राजस्थान साइफन में पानी छोड़ा, जलस्तर बढ़ने पर रात रात 1100 एकड़ फसल डूबने की आशंका, सिंचाई विभाग ने कर्मचारियों की छ

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घग्घर में जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन ने किया अलर्ट घोषित, आज रात तक 15 हजार क्यूसिक पानी और आने की आशंका
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सिरसा/रानियां/ ऐलनाबाद । घग्गर में जलस्तर बढ़ने के साथ ही मंगलवार को प्रशासन ने अलर्ट घोषित कर दिया। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों की सरकार के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग होने के बाद विभागीय कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। घग्घर में मंगलवार शाम तक ओटू हैड पर 3000 क्यूसिक पानी था। जबकि सोमवार को एक हजार क्यूसिक था। सोमवार रात को पानी बढ़ने पर ओटू हैड के दो चैनल खोल दिए गए। पानी आगे राजस्थान साइफन को छोड़ा गया। ताकि ओटू हैड को खतरा न हो। जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन ने मंगलवार को अलर्ट घोषित कर दिया। मंगलवार रात तक 15 हजार क्यूसिक पानी ओर आने की आशंका जताई जा रही है। सिंचाई विभाग ने सेक्टर ऑफिसर नियुक्ति कर दिए है। जिसमें कार्यकारी अभियंताओं और एसडीओ की ड्यूटी लगा दी गई है। उधर जलस्तर बढ़ने की सूचना से चिंतित किसान ओटू हैड पर पल पल की जानकारी लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
जानकारी के अनुसार इस समय घग्गर नदी में जलस्तर की मात्रा 3000 क्यूसिक है। 15 हजार क्यूसिक पानी होने पर घग्गर खतरे के निशान से ऊपर हो जाएगी। इसलिए सिंचाई विभाग ने अपने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करके उन्हें काम पर बुला लिया। जिन किसानों ने घग्घर में पाइप लाइन डाली है, किसी भी हादसे के लिए उनकी जिम्मेदारी सुनिश्चित कर दी है। घग्गर के कार्यकारी अभियंता एनके भोला ने बताया कि वे भी मेडिकल लीव पर थे, लेकिन अलर्ट के चलते उन्हें भी काम पर वापस लौटना पड़ा। रात को करीब 15 हजार क्यूसेक पानी ओर आने की आशंका जताई जा रही है।
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तीन जगहों पर जेसीबी मशीनें लगाईं
सिंचाई विभाग ने अलर्ट के चलते जिला प्रशासन को पांच गाड़ियां उपलब्ध करवाने के लिए सोमवार को पत्र लिखा था, लेकिन मंगलवार शाम तक प्रशासन ने सिंचाई विभाग को कोई गाड़ी उपलब्ध नहीं करवाई। विभाग के पास अपनी ही दो गाड़ियां उपलब्ध है। सिंचाई विभाग ने डेंजर प्वाइंट पर जेसीबी मशीनें तैनात करने के निर्देश जारी कर दिए है। झोरडनाली, राजस्थान साइफन और जीवननगर के पास जेसीबी मशीनें तैनात की जा रही है। साथ ही कर्मचारियों को मिट्टी और बोरियों की व्यवस्था की जा रही है। इतना ही नहीं गांवों में सरपंचों के माध्यम से मुनियादी करवा दी गई है। सबसे ज्यादा खतरा घग्घर के बांध किनारे बसने वाले 33 गांवों को है। घग्घर की सिरसा में लंबाई करीब 122 किलोमीटर है।
ये 33 गांव घग्घर के किनारे पर बसे
जिले में घग्गर की लंबाई करीब 122 किलोमीटर है। घग्घर के लहंगेवाला, झंडा खुर्द, मुसाहिबवाला, पनिहारी, फरवाई, रंगा, नेजाडेजा कलां, झोपड़ा, सहारणी, खैरेका, मीरपुर,अहमदपुर, वनसुधार, ओल्ड चामल, झोरडनाल, केलनियां, अबूतगढ़, चकराईयां ओटू, ढाणी प्रताप सिंह, गिदडावाली, कुताबढ़,हमायुखेडा, नकौड़ा, बुढीमाडी, अमृतसर कलां, हिम्मतपुरा, मिर्जापुर,नीमवाली ढाणी, बुढानियां थेहड़, करीवाला, थेहड़ शहीदावांली है।
ओटू हैड से खोले गए दो गेट, नदी के मध्य करीब 1100 एकड़ फसल डूबने का खतरा
वीरवार को ओटू हैड के दो गेट खोल दिए गए। ओटू हैड से तलवाड़ा साइफन के मध्य में करीब 1100 एकड़ में धान, हरा चारा व सब्जी की फसलें खड़ी है। ओटू हैड़ पर तैनात आपरेटर ओम प्रकाश ने बताया कि पानी का स्तर बेहद तेजी से बढ़ रहा है। उच्च अधिकारियों रके आदेश पर घग्गर नदी के दो गेट खोल दिए गए हैं। रात भर में बेहद अधिक पानी ओटू पहुंचेगा। ऐसे में नदी में आगे पानी का स्तर बढ़ने वाला है, रात-रात में पानी तटबंधों के साथ लग जाएगा। बुधवार की अपेक्षा चीका हैड पर 37023 क्यूसिक पानी बढ़ चुका है । साफ है कि जलस्तर में कमी की अभी कोई संभावना नहीं है । 2010 में ओटू हैड पर केवल 24000 क्यूसिक पानी पहुंचा था। तब घग्गर टूट गई थी। किसान बली सिंह, गुरभेज सिंह, गुरदेव सिंह, कोमल सिंह, अमरीक सिंह, बूटा सिंह, सुखदेव सिंह ने बताया कि उन लोगों के खेत घग्गर नदी के मध्य में है। पानी की रफ्तार ऐसे ही रही तो रात-रात में उनकी फसलें पूरी तरह डूब जाएंगी। उन लोगों ने धान, हरा चारा व कई प्रकार की सब्जियां लगा रखी हैं। वहीं गांवों में भी अभी से हलचल शुरू हो गई है। प्रशासन के आदेश पर सभी गांवों में आवाज लगाकर अलर्ट रहने के आदेश दिए गए हैं।
कोट्स
कर्मचारी भी तटबंधों पर मुस्तैद है । किसी भी प्रकार के हालात नाजुक न हो इसलिए तटबंधों को मजबूत करने का कार्य शुरू कर दिया है, जो पूरी रात यूं ही जारी रहेगा । यह कार्य एक साथ अलग-अलग 4 प्वाइंटों में शुरू किया गया है । अभी केवल ज्यादा कमजोर प्वाइंटों को ट्रैस कर मजबूत करने का कार्य किया जाएगा ।
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नरेश कुमार, जेई घग्गर डिविजन
मंगलवार घग्घर की स्थिति
गुहला चीका, 38772 क्यूसिक
खनौरी, 10550 क्यूसिक
चांदपुरा हैड, 10500 क्यूसिक
ओटू, 3000 क्यूसिक
राजस्थान साईफन : 1000 क्यूसिक
कोट्स
सभी एसडीओ और एक्सईन की ड्यूटियां लगा दी गई है। तटबंधों को निरीक्षण किया जा रहा है। इस मुद्दे पर प्रशासन से गाड़ियों की मांग भी कर ली गई है। सोमवार ही पांच गाड़ियों की मांग की गई थी, लेकिन कोई गाड़ी नहीं मिली।
एनके भोला, कार्यकारी अभियंता, घग्गर डिवीजन। सिरसा।
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