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नप द्वारा टेंडर रद्द करने पर ठेकेदार ने डीसी के पास सुनवाई के लिए लिखा था पत्र, सुनवाई न होने पर पंजाब और हरियाणा हाइकोर्ट में द

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा। शहर के मृत पशुओं को उठाने के लिए अलॉट किए गये टेंडर का मामला पेचीदा हो गया है। पुराने ठेकेदार पप्पू ने नगर परिषद द्वारा मृत पशुओं को उठाने का ठेका रद्द करने के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए डीसी सिरसा को दो सप्ताह के बीच ठेकेदार की सुनवाई करने का निर्देश दिया है। गुरुवार को पप्पू ठेकेदार और उनके वकील अमन कंबोज ने डीसी कार्यालय में अधीक्षक को कोर्ट के आदेशों की रिसीविंग करवाई। ऐसे में शहर में मृत पशुओं को उठाने का टेंडर उलझ गया है क्योंकि नगर परिषद ने पप्पू ठेकेदार का टेंडर रद्द करके फतेहाबाद के ठेकेदार को अलॉट किया था। लेकिन अब कोर्ट के आदेशों के बाद पप्पू ठेकेदार और नए ठेकेदार में मृत पशुओं को उठाने को लेकर विवाद पैदा हो सकता है।
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शहर में आवारा मृत पशुओं का ठेका पप्पू ठेकेदार के पास था। टेंडर की शर्त अनुसार ठेकेदार आबादी एरिया से दूर मृत पशुओं को खाल उतारने के लिए डालेगा। यह जगह एयरफोर्स से भी दूर होनी चाहिए। ठेकेदार ने शहर के साथ लगते खाजाखेड़ा रोड पर एक प्लाट में मृत पशुओं को डालने लग गया। इससे वार्ड 24, 26, 27, रानियां रोड और गांव खाजाखेड़ा के लोग मृत पशुओं की खाल से निकलने वाली दुर्गंध से परेशान हो गए। खाजाखेड़ा रोड के पर रहने वाले जसपाल सिंह, गुरमेल सिंह व अन्यों ने कुछ स्कूली संस्थाओं ने एनजीटी में जनवरी 2018 में याचिका दायर की। एनजीटी ने नप सिरसा को नोटिस जारी किया। सुनवाई के दौरान नप को खाजाखेड़ा रोड पर मृत पशुओं को न डालने के निर्देश दिए। नप ने इस संबंध में ठेकेदार को कई बार नोटिस दिए। ठेकेदार को नई जगह तलाश करने के लिए कहा गया। ठेकेदार ने ताजियाखेड़ा पंचायत की जमीन 90 हजार रुपये लीज पर ली। डीसी की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने इसे मंजूरी दे दी। नौ अगस्त 2018 को नप ने डीडीपीओ को ताजियाखेड़ा की पंचायती जमीन का कब्जा दिलाने के लिए पत्र लिखा। लेकिन 23 अगस्त 2018 को नगर परिषद ने पप्पू ठेकेदार का टेंडर रद्द करके नए ठेकेदार को टेंडर अलॉट कर दिया। पप्पू ने डीसी के पास मामले की सुनवाई के लिए पत्र लिखा। टेंडर की शर्तों अनुसार डीसी आरबीटेटर थे। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। तब ठेकेदार ने नप के फैसले के विरोध में और डीसी द्वारा सुनवाई न करने पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। ऐसे में कोर्ट ने डीसी को निर्देश देते हुए रिसीविंग के दो हफ्ते के अंदर पप्पू ठेकेदार और नगर परिषद के ईओ को बुलाकर इस मामले पर सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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डीसी कार्यालय में अधीक्षक को मिलकर कोर्ट के आदेशों की रिसीविंग करवा दी है।
- अमन कंबोज, याचिकाकर्ता का वकील।
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