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ट्रक एसोसिएशन की हड़ताल शुरू, मंडी में उठान ठप

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सिरसा।
मांगों की अनदेखी को लेकर ट्रक एसोसिएशन की ओर से बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई। ट्रकों की हड़ताल के चलते बुधवार को सिरसा की अनाजमंडी में धान का उठान और नहीं हो सका तथा मंडी का कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। मंडी में धान से भरे बैगों का उठान रुक गया है, जिससे मंडी धान से अट गई।
किसानों और आढ़तियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। ट्रक ऑपरेटरों और व्यापारियों के बीच कोई वार्ता नहीं हो पा रही है। अगर हड़ताल लंबी चलती है तो किसानों को धान की ढेरियां मंडी से बाहर सड़कों पर ही लगानी होगी। मंगलवार को ट्रक एसोसिएशन ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर हड़ताल को नोटिस दिया था और मांगें पूरी करवाने की मांग की थी। जिले में करीब 3500 ट्रक मंडियों में उठान करने में लगे हुए थे।
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ट्रक एसोसिएशन की हड़ताल के चलते अनाजमंडी में धान के उठान का कार्य पूरी तरह से बंद हो गया है। सिरसा मंडी में धान से भरे करीब एक लाख बैग उठान का इंतजार कर रहे हैं। बुधवार को दूसरे दिन भी मंडी में कोई ट्रक धान उठाने नहीं आया, इसलिए लेबर भी खाली बैठी रही। एसोसिएशन की हड़ताल के चलते किसानों को धान डालने के लिए मंडी में जगह नहीं मिल रही। मंडी के सभी रास्ते जाम हो गए हैं। ऐसे में अब किसानों ने मंडी के आसपास की गलियों में ही अपनी धान की फसल डालनी आरंभ कर दी है। वहीं आढ़तियों ने भी अपने किसानों को एक बारगी धान लाने से मना कर दिया है। मंडी में से धान का उठान नहीं होने के कारण मार्केट कमेटी के अधिकारी, किसान और आढ़ती सहित खरीददार भी परेशान हैं। मगर अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है। गौरतलब है कि इस समय मंडी में धान की आवक का महत्वपूर्ण समय चल रहा है। रोजाना मंडी से 50 हजार बैग का उठान होता था जो अब पूरी तरह से ठप है। इसके अलावा जिला की अन्य मंडियों में भी कार्य प्रभावित हुआ है। उधर किसान मंडी में अब धान की रखवाली करने में लगे हुए हैं।

मांग पूरी न होने तक उठान कार्य रहेंगे बंद : मंजीत सिंह
वहीं ट्रक एसोसिएशन के प्रधान मंजीत सिंह बिट्टू का कहना है कि धान खरीद एसोसिएशन और मिलर्स उनकी मांग की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं तथा न ही उनके साथ कोई वार्तालाप की है। उन्होंने कहा कि अगर खरीदारों ने बाहरी ट्रक से उठान करवाने की कोशिश तो वे उसे भी रोक देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती वे उठान कार्य बंद रखेंगे।

ये हैं प्रमुख मांगें
ट्रक एसोसिएशन की ओर से जो मांग की जा रही हैं उनमें लोडिंग-अनलोडिंग लेबर के पैसे ट्रकवाला नहीं देगा, मुंशियाना पहुंच भाड़ा कटौती ट्रक वाला नहीं कटवाएगा, लोडिंग-अनलोडिंग का समय 24 घंटे का रहेगा, गाड़ी में माल भरते समय एक प्रतिशत की छूट अनिवार्य, 24 घंटे की दिहाड़ी के बाद 100 रुपये टन के हिसाब से देनी होगी, गाड़ी में जो भी माल भरा जाएगा उसका पूरे वजन का भाड़ा लिया जाएगा और कांटे के पैसे व्यापारी ही देगा। गौरतलब हो कि जिले में 86 ट्रांसपोर्ट कंपनियां हैं। सिरसा शहर में ही अकेले 30 ट्रांसपोर्टर हैं। इन ट्रांसपोर्टरों के माध्यम से जिले में 3500 गाड़ियां माल ढुलाई का कार्य करती हैं। सिरसा शहर में 1000 गाड़ियां हैं, कालांवाली में 500, रोड़ी में 300, डबवाली में 650, रानियां में 225, जीवननगर में 350 तथा ऐलनाबाद में लगभग 1000 गाड़ियां ट्रांसपोर्ट से जुड़ी हैं। रोजाना 2200 गाड़ियां माल ढुलाई का कार्य करती हैं।

देखो, समाधान हो जाएगा : गौरव गोयल
पेड़ी एसोसिएशन के प्रधान गौरव गोयल ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों की कुछ मांगे जायज है। ट्रांसपोर्टर के साथ बैठक होनी की पूरी उम्मीद है। देखों समस्या का कोई न कोई समाधान निकल जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टरों की इस वक्त में हड़ताल दुर्भाग्यपूर्ण है। इस समय मंडी में धान की जबरदस्त आवक है, हड़ताल से किसान परेशान होंगे।

इन ट्रांसपोर्ट के प्रतिनिधि हुए शामिल
गुरुनानक ट्रांसपोर्ट, अग्रवाल ट्रांसपोर्ट, खालसा ट्रांसपोर्ट, कुमार ट्रांसपोर्ट, दशमेश ट्रांसपोर्ट, बेस्ट एचपीआर ट्रांसपोर्ट, श्री गुरुनानक ट्रांसपोर्ट, सालासर बालाजी ट्रांसपोर्ट, डीटीसी ट्रांसपोर्ट, आरबी रोडलाइन, गणपति ट्रांसपोर्ट, साईंकृपा रोडलाइन ट्रांसपोर्ट, एआरसी ट्रांसपोर्ट, न्यू अग्रवाल ट्रांसपोर्ट।


दोनों के बीच में हम पिस रहे हैं
सिरसा अनाजमंडी में धान लेकर आए किसान बलबीर सिंह ने बताया कि वे कई दिन से धान की ढेरी लगाकर बैठे हुए हैं। कभी नमी ज्यादा बता दी जाती है तो कभी भाव ठीक नहीं मिलता। अब आढ़ती कहता है कि ट्रकों की हड़ताल के चलते धान का उठान नहीं हो पाएगा ऐसे में धान कौन खरीदेगा। किसान कश्मीर सिंह का कहना है कि ट्रक वालों और व्यापारियों के झगडे़ में पिस तो वे लोग रहे हैं। अब सरसों और बाद में गेहूं की बिजाई का समय है पर मंडी में धान लेकर बैठे हुए है। माल बिकेेगा तो अगली फसल की बिजाई की तैयारी करेंगे। किसान रणजीत सिंह ने बताया कि मंडी में किसान के साथ लूट हो रही है मनमाने दाम दिए जाते है अगर उनके दाम पर फसल न बेचो को बैठे रहो। अब ट्रकों की हड़ताल शुरू हो गई है पता नहीं कब धान बिकेगा।
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सिरसा में दिखा हड़ताल का ज्यादा असर
सिरसा अनाजमंडी में ही हड़ताल का ज्यादा असर दिखाई दिया। कुछ ट्रैक्टरों की मदद से धान का उठान हुआ पर उन्हें मना कर दिया गया। डबवाली में धान उठाने वाले ज्यादातर ट्रक पंजाब के है। हरियाणा के कैंटर चालकों ने भी हड़ताल का समर्थन किया पर पंजाब के ट्रकों ने माल का उठान किया। कालांवाली, रानियां और चोपटा में प्राइवेट वाहनों से धान उठाने का प्रयास किया गया।
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