ओढां (सिरसा)। बीते बुधवार को ओढां आईटीआई मेें करंट लगने से घटित हुए दर्दनाक हादसे में मारे गए ओढां निवासी इन्द्रपाल व उसके पुत्र केवल सिंह का घटना के 26 घंटे बाद दूसरे दिन वीरवार को करीब 11 बजे अंतिम संस्कार हुआ। हादसा बुधवार करीब नौ बजे हुआ था। प्रशासन के आउटसोर्सिंग पर नौकरी देने और हरसंभव सहायता देने के बाद परिजन और ग्रामीण शव का दाह संस्कार करने के लिए राजी हुए। वीरवार को चंडीगढ़ के आए आईटीआई विभाग के संयुक्त निदेशक राजपाल यादव ने तीनों मृतकों केेे परिजनों को पांच पांच लाख रुपये का चेक दिया।
बता दें कि आईटीआई में बुधवार को 11 हजार केवी की लाइन से करंट लगने से एक छात्र सहित तीन की मौत हो गई थी। जबकि एक छात्र गंभीर रुप से झुलस गया था। मृतकों में छात्र लवप्रीत, आउटसोर्सिंग कर्मचारी इंद्रपाल व उसका बेटा केवल सिंह था। बुधवार शाम चार बजे से मृतक इंद्रपाल व उसके बेटे केवल के शवों को लेकर परिजन व ग्रामीण आईटीआई में लेकर धरने पर बैठे गए थे। परिजनों की मांग थी कि प्रिंसिपल के खिलाफ मामला व सरकारी नौकरी दी जाए। बुधवार रात्रि करीब 11 बजे एसपी अरुण नेहरा परिजनों के बीच पहुंचे।
सुबह चला बातचीत का दौर
वीरवार सुबह एसडीएम व डीएसपी पुन: लोगों के बीच पहुंचे। वहीं करीब 10 बजे चंडीगढ़ से आईटीआई विभाग के संयुक्त निदेशक राजपाल यादव व अन्य अधिकारी परिजनों के बीच पहुंचे। अधिकारियों ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस क्षति की भरपाई तो नहीं हो सकती लेकिन प्रशासन की तरफ से कुछ मदद का प्रावधान जरूर है। लोगों ने संयुक्त निदेशक से मांग करते हुए कहा कि सहायता राशि के साथ-साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। जिस पर उन्होंने व एसडीएम ने उन्हें समझाते हुए कहा कि इस समय ऐसा संभव नहीं है। लेकिन परिवार के 2 सदस्यों को अस्थाई तौर पर नौकरी पर रखते हुए उन्हें 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस पर सहमति बन गई।
लवप्रीत का पिता बोला, इकलौता बेटा था
लवप्रीत के पिता गुरमेल सिंह ने रोते हुए कहा कि लवप्रीत उसके घर का अकेला चिराग था। इस राशि की बजाए काश उसका बेटा वापस आ जाए। संयुक्त निदेशक ने कहा कि जो घटना हो गई, उस समय को दोबारा ला तो नहीं सकते, लेकिन हम आपकी मदद जरूर करेंगे। दुख की इस घड़ी में हम आपके परिवार के साथ खड़े हैं।
आईटीआई के गेट से भी लगता है डर
मृतक इंद्रपाल का घर आईटीआई के मुख्य द्वार के सामने है। इन्द्रपाल के पिता बस्ती राम ने रोते हुए कहा कि इस हादसे के बाद उसे अब आईटीआई के गेट से भी भय लगने लगा है। बस्ती राम ने कहा कि प्रशासन ने भले ही उसकी पुत्रवधु व पौत्र को आईटीआई में नौकरी देने का आश्वासन दिया है लेकिन उसे उन्हें अब आईटीआई में भेजने पर भी डर सा लगने लगा है। क्योंकि इसी आईटीआई ने उसके घर के 2 सदस्य छीन लिए।
मौत से लड़ रहा है रमेश
इस हादसे में गंभीर रूप से झुलसे नुहियांवाली निवासी रमेश कुमार को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में आपातकालीन विभाग में रखा गया है। जहां वह पिछले 2 दिनों से जिंदगी व मौत की लड़ाई लड़ रहा है। तो वहीं रमेश के परिजन उसकी जिंदगी के लिए दुआ कर रहे हैं। रमेश के पिता देवीलाल, चाचा राजपाल व धर्मपाल ने बताया कि रमेश की स्थिति में कुछ सुधार तो है लेकिन अभी तक खतरा टला नहीं है।
राजनीतिक लोग भी पहुंचे धैर्य बंधाने
हादसे के बाद बुधवार से ओढां में राजनीतिकों का आना-जाना लगा रहा। कांग्रेस नेता डॉ. अशोक तंवर, अजय चौटाला, भाजपा नेता आदित्य देवीलाल, पूर्व ओएसडी डॉ. केवी सिंह व देव कुमार शर्मा सहित अन्य राजनीतिक लोगों ने परिजनों के बीच पहुंचकर उन्हें धैर्य बंधाया। उन्होंने कहा कि उनसे जो भी कुछ बन पड़ेगा वे वो जरूर करेंगे।
ये एक अति दुखदायी हादसा था। हम इस क्षति को पूरा तो नहीं कर सकते। लेकिन विभाग की ओर से आर्थिक सहायता जरूर दी जा सकती है। मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये व घायल को 3 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। ओढां निवासी मृतक इन्द्रपाल की पत्नी व उसके पुत्र को अस्थायी रूप से आउटसोर्सिंग कर्मचारी की नौकरी दी जाएगी।
- राजपाल यादव, ज्वाइंट डायरेक्टर, आईटीआई विभाग, चंडीगढ़
कॉलेज के प्राचार्य राजकुमार व जीआई प्रेम कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्रेम कुमार को बुधवार रात्रि गिरफ्तार कर लिया गया था। जिसे अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। प्राचार्य राजकुमार अस्पताल में भर्ती है जिसके स्वस्थ होते ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- पवन कुमार, थाना प्रभारी, ओढां।