ओढां। मंडियों में अव्यवस्था तो खेतों में प्राकृतिक कहर ने किसानों पर दोहरी मार मारी है। बीते 4 दिन पूर्व क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए टीम खेतों का सर्वे कर रही है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक खंड में 5 गांवों में नुकसान हुआ है। जिनमें सबसे ज्यादा नुकसान ओढां में हुआ।
किसानों के मुताबिक ओलावृष्टि से न केवल रबी की फसल को नुकसान हुआ है बल्कि खरीफ की फसल भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। पिछले 3 दिनों के अंतराल में ओढां कृषि कार्यालय में 633 किसानों ने नुकसान की रिपोर्ट दी है। जिसमें से 151 किसानों ने बारिश से जबकि 492 किसानों ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान की बात कहकर मुआवजे के लिए आवेदन किया है। राजस्व व कृषि विभाग द्वारा खेतों में हुए नुकसान का सर्वे किया जा रहा है। गांव पन्नीवाला मोटा में किसानों ने ओलावृष्टि से करीब 20 से 25 प्रतिशत नुकसान की बात कहकर राजस्व विभाग को फोन कर गांव में पहुंचकर सर्वे करने के लिए कहा। जब पटवारी ने किसानों को वहां पर कोई नुकसान न होने की बात कही तो किसानों व पटवारी में बहस खड़ी हो गई। जिसके चलते किसानों ने पटवारी पर घर में बैठकर ही रिपोर्ट तैयार करने के आरोप लगाए।
ओढां में हुआ सबसे ज्यादा नुकसान
कृषि एवं राजस्व विभाग की टीम ने ओलावृष्टि की चपेट में आए गांव ओढां, रामनगर, रोहिड़ांवाली, ख्योवाली व रोहिड़ांवाली क्षेत्र का निरीक्षण किया। ओढां में तकरीबन 800 एकड़ व अन्य 4 गांवों में 100 से डेढ़ सौ एकड़ रकबा ओलावृष्टि व बरसात से प्रभावित हुआ है। ओढां के किसान दर्शन सिंह मलकाना, बलजिन्द्र सिंह, बिंद्र सिंह, करनैल सिंह व दर्शन सिंह बैनीवाल ने बताया कि उनके खेतों में गेहूं की फसल का भारी नुकसान हुआ है। किसान दर्शन सिंह के मुताबिक उसने 6 एकड़, बलविन्द्र सिंह ने 8 एकड़ व बलवीर सिंह ने 4 एकड़ सहित अन्य किसानों ने भी नरमे की अगेती फसल बोई थी ताकि उस पर लू का असर न हो। लेकिन ओलावृष्टि व बरसात से उनकी फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है।
ओलावृष्टि से जो नुकसान हुआ है उसका जायजा लिया गया है। ओढां में ज्यादा नुकसान है जबकि रोहिड़ांवाली, रामनगर व ख्योवाली के कुछ रकबे में नुकसान है। पन्नीवाला मोटा में किसानों की मांग पर हमने कुछ खेतों का सर्वे किया था। जहां नुकसान नहीं है। 0 से 10 प्रतिशत तक नुकसान नियमानुसार नहीं है। हम अभी सर्वे में लगे हुए हैं। खंड के 5 गांवों से 492 किसानों ने ओलावृष्टि व 151 किसानों ने बारिश से नुकसान की रिपोर्ट दी है। टीम सर्वे में लगी हुई है। उसके बाद ही पता चल पाएगा कि कहां कितने प्रतिशत का नुकसान हुआ है। सर्वे के बाद ही रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जाएगी।
- डॉ. राकेश कुंट, खंड कृषि अधिकारी।