बेटियों का कैरियर संवारेगी उपायुक्त की लक्ष्य योजना
अंबाला के बाद सिरसा में उपायुक्त ने की योजना की शुरूआत, जिले की 214 बेटियों ने किया आवेदन
योजना के तहत उपायुक्त ने बेटियों से मांगा लक्ष्य से संबंधित राइटअप
महेंद्र सुथार
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। बेटियों के कोमल भावों को देश का भविष्य बनाने व उनके ख्वाबों को पंख लगाने के लिए उपायुक्त सिरसा की ओर से लक्ष्य योजना शुरू की जा रही है। बेटियां की रुचि अफसर बनने की है या इंजीनियर बनने की। वे लक्ष्य योजना में अपनी इच्छा जाहिर कर सकती है। उपायुक्त की ओर से जिलेभर से मांगे गए आवेदनों में 214 छात्राओं के आवेदन दुरुस्त पाए गए हैं। ये सभी छात्राएं अपने लक्ष्य से संबंधित अधिकारी के साथ एक दिन पूरी कार्यप्रणाली का अवलोकन करेंगी, ताकि उन्हें भविष्य में आने वाली परेशानियों का पता चल सके।
क्या है लक्ष्य योजना:
उपायुक्त सिरसा ने बेटियों के ख्वाबों को हकीकत का चोला पहनाने के लिए ‘लक्ष्य’ नामक योजना शुरू की है। योजना केतहत उन्होंने शिक्षा विभाग के माध्यम से जिले के सभी राजकीय स्कूलों के प्रशासन के पास एक पत्र भेजकर छात्राओं से उनके लक्ष्य के संबंध में राइटअप मांगे थे । इस पत्र में स्पष्ट उल्लेख था कि 9वीं से दस जमा दो कक्षा तक की जो भी छात्रा भविष्य में अपनी तस्वीर उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक व किसी भी बड़े प्रशासनिक अधिकारी के रूप में देखती हैं। उसे एक दिन के लिए उसके ख्वाबों के पद पर आसीन अधिकारी के साथ कार्यालय में उसके कामकाज, उसकी शक्तियों के अधिकार, कार्यालय में आमजन से डीलिंग तथा उसका सामाजिक ताना-बाना आदि सीखने के लिए अवसर दिया जाएगा। इतना ही नहीं इच्छुक बेटियों को उक्त पदों पर आसीन होने के लिए शैक्षणिक योग्यताओं के साथ किस-किस स्तर की परीक्षाओं से होकर गुजरना पड़ेगा। इसके संदर्भ में भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
अंबाला डीसी रहते शुरू की थी योजना:
उपायुक्त ने अपने स्तर पर शुरू किए इस अभियान के तहत जिलेभर के सभी राजकीय स्कूलों को लक्ष्य के लिए चयनित होने वाली छात्राओं से एक राइटअप भी मांगा गया था। जिसमें उस छात्रा द्वारा जो भी प्रशासनिक तंत्र का अंग बनने की ख्वाहिश जाहिर की गई थी। उसके संदर्भ में उससे पूछा गया था कि आखिर वह उस पद पर आसीन क्यों होना चाहती है और यदि भविष्य में वह उस पद पर विराजित होती है तो वह उस पद पर रहकर वह किस प्रकार लोगों के के हित के लिए कार्य करेंगी। उपायुक्त प्रभजोत सिंह सिरसा से पूर्व अंबाला जिले के भी उपायुक्त रह चुके हैं और उन्होंने वहां इसी लक्ष्य अभियान को आरंभ किया था। अंबाला में रहते हुए उपायुक्त प्रभजोत ने वहां के स्कूलों की छात्राओं से राइटअप नहीं मांगा था। महज आवेदन मांगकर उनकी इच्छाओं को पूरा किया गया था। इस बार सिरसा में उपायुक्त ने छात्राओं से राइटअप मांगकर उनकी प्रशासनिक पदों पर आसीन होने की इच्छा की गंभीरता को जानने को प्रयास किया है। ताकि यह लक्ष्य छात्राओं के लिए केवल औपचारिकता न बनकर रह जाए।
214 के आवेदन सही:
उपायुक्त प्रभजोत सिंह के निर्देश पर शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों की छात्राओं से मांगे गए हजारों आवेदन मिले। जब सही आवेदनों का आंकलन किया गया तो उसमें से 214 आवेदन पत्र ही पात्रता पर खरे उतरे। अब उपायुक्त शीघ्र ही इस योजना के तहत नोडल अधिकारी नियुक्त कर छात्राओं को उनके मनपसंद सरकारी अधिकारी के पद पर बैठे अधिकारियों के पास इन छात्राओं को एक दिन के लिए कार्यालय में साथ भेजेंगे। ताकि वे उन पदों पर रहकर निभाई जाने वाली जिम्मेदारियों का ज्ञान ले सकें।
कोट्स:
प्रधानमंत्री के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के व्यापक अभियान की कड़ी में ही बेटियों को उनके ख्वाबों को हकीकत में अमलीजामा पहनाने की यह अनूठी और अनुकरणीय पहल है। जिसके भविष्य में सार्थक परिणाम सामने आएंगे। निश्चित ही बेटियों को अपने ख्वाबों के सरकारी अधिकारी बनने के ख्वाबों को भी हकीकत में करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
-प्रियंका सिन्हा, सुशासन सहायिका, मुख्यमंत्री हरियाणा।