विवाह कारक ग्रह गुरु और शुक्र दोनों ही अस्त रहने के चलते नवंबर और दिसंबर महीने में विवाह-शादी के सिर्फ 15 मुहूर्त ही निकल रहे हैं। ये 15 दिन वो हैं, जब देवगुरु उदय होंगे। यानि 19 नवंबर से लेकर 15 दिसंबर 2017 तक ही शादी-विवाह के मुहूर्त निकल रहे हैं।
रेलवे स्टेशन स्थित बाबा रामदेव-हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित विनोद शास्त्री बताते हैं कि 15 दिसंबर को शुक्र ग्रह अस्त होने से शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्य रुक जाएंगे। वहीं, सूर्य वृश्चिक राशि से धनु राशि में प्रवेश करेंगे। ग्रहों के अस्त होने से शुभ प्रभाव होने से मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। इसलिए शुक्र ग्रह के तीन फरवरी को उदय होने के बाद ही मांगलिक कार्यों के लिए शुभ दिन होंगे। विवाह के लिए नवंबर महीने में विशेष मुहूर्त 19, 20, 23, 29 और दिसंबर महीने में 3, 4, 10 और 11 तिथि है। इसके बाद 50 दिन बाद तीन फरवरी के बाद शहनाइयां बजेंगी। इसका मुख्य कारण है कि पहले देव गुरु बृहस्पति के 11 अक्टूबर को पश्चिम में अस्त होने से शादियां रुक गई थी। जो चार दिन पहले ही छह नवंबर को उदय हुए। ऐसे में 16 नवंबर से सूर्य अपनी नीच राशि तुला से वृश्चिक राशि में प्रवेश कर शुभ कार्यों के लिए मौका बना रहे हैं।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बीच बनने वाले विशेष योग वाले दिनों में शादियां की जा सकेंगी। इनमें 23 नवंबर को विवाह पंचमी, 25 नवंबर को त्रिपुष्कर योग, 28 और 30 नवंबर को सर्वार्थसिद्ध योग रहेगा। 29 नवंबर को मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती और तीन दिसंबर को पूर्णिमा, 10 दिसंबर को अष्टमी का दिन भी मंगलकारी योग है। मगर इसके बाद 15 दिसंबर को शुक्र के अस्त होने से 50 दिन तक यानी कि 3 फरवरी तक विराम लग जाएगा। उदय होने के बाद ही मांगलिक कार्य के मुहूर्त फिर से खुलेंगे।
11 अक्टूबर को गुरु अस्त होने से रुकी हैं शादियां
देवगुरु बृहस्पति के 11 अक्टूबर को पश्चिम में अस्त होने से शादियां रुक गई थीं। जो छह नवंबर को उदय हुए। ऐसे में 16 नवंबर से सूर्य अपनी नीच राशि तुला से वृश्चिक राशि में प्रवेश कर शुभ कार्यों के लिए मौका बना रहे हैं। विवाह के लिए नवंबर महीने में विशेष मुहूर्त 19, 20, 23, 29 तारीख को और दिसंबर महीने में 3, 4, 10 और 11 तारीख को हैं। इन दिनों में शादी विवाह, गृह प्रवेश, गृह निर्माण, जनेऊ संस्कार जैसे मांगलिक कार्य शुरू किए जा सकेंगे।