सिरसा। डेरा सच्चा सौदा सिरसा में डेरे का 71 वां स्थापना दिवस और जाम ए इंसा की 13वीं वर्षगांठ सोमवार को 29 अप्रैल को मनाई गई। हालांकि डेरे में सुबह 11 बजे से लेकर एक बजे तक नाम चर्चा का समय था। लेकिन नामचर्चा दो बजे तक चली। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की माता नसीब कौर नाम चर्चा में शामिल हुई।
इस नाम चर्चा में डेरा प्रमुख के पुराने प्रवचनों को एलईडी के माध्यम से श्रद्धालुुओं को दिखाया गया। डेरे में हरियाणा की बजाए पंजाब के श्रद्धालुओं की तादाद अच्छी खासी थी। नाम चर्चा दो बजे खत्म हुई। लेकिन डेरे ने इस दौरान चुनावों को लेकर कोई चर्चा नहीं की। डेरे में लोकसभा चुनावों को देखते हुए नेेताओं का राजनीतिक आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचना लाजमी था। इसी कड़ी में डेरे में नतमस्तक होने के लिए सोमवार को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर का काफिला करीब एक बजे डेरे में मुख्य गेट के आगे पहुंचा। हालांकि उसने पहले कांग्रेस प्रवक्ता होशियारी लाल शर्मा भी करीब 20 मिनट पहले पहुंचे। तंवर का काफिला मुख्य गेट के आगे रुका और अशोक तंवर उसी गेट से अंदर प्रवेश कर गए। तंवर पहले सीधे सत्संग हाल में गए। इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस की महिला प्रदेशाध्यक्ष संतोष कैरालिया महिलाओं वाले गेट से अंदर गई। करीब डेढ़ घंटे तक अशोक तंवर सत्संग हाल में रहे। इसके बाद करीब दो बजे उनकी गाड़ियों का काफिला मुख्य गेट से हटकर डेरे के दैनिक समाचार पत्र सच कहूं के कार्यालय के बाहर पहुंच गया। उनके साथ उनके पिता भी थे।
डेरे के समाचार पत्र को दिया इंटरव्यू
अशोक तंवर ने एक कमरे में बैठकर यू टूयब चैनल और डेरे के अखबार को अपना इंटरव्यू भी दिया। इसके बाद अशोक तंवर डेरे के अन्य पदाधिकारियों से मिले और निकल पड़े। हालांकि मीडिया के साथ उन्होंने कोई बातचीत नहीं की।
पटियाला सीट से निर्दलीय उम्मीदवार भी पहुंचा
पटियाला सीट से निर्दलीय उम्मीदवार मनजीत सिंह भी डेरे का आशीर्वाद लेने के लिए डेरे पहुंचा हुआ था। उम्मीदवार के साथ बाकायदा पंजाब पुलिस के तीन जवान भी मौजूद थे। डेरे में आने जाने वाले राजनेताओं पर नजर रखने के लिए पंजाब और हरियाणा की गुप्तचर एजेंसियां भी पूरी तरह से सक्रिय थीं। हरियाणा की गुप्तचर एजेंसियों के साथ पंजाब सरकार ने भी अपनी गुप्तचर एजेंसियों की ड्यूटियां सिरसा में लगाई हुई थी। दोनों राज्यों की गुप्तचर एजेंसियां पूरा दिन खोजबीन में लगी रही कि डेरे में कौन-कौन से नेता आ रहे हैं। बाकायदा उनकी वीडियोग्राफी का प्रयास भी किया जा रहा था। बता दें कि साध्वी यौन शोषण और पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम इंसा को सजा होने के बाद डेरे में यह दूसरा बड़ा समागम हुआ है। इससे पहले बीती 26 जनवरी को शाह सतनाम का जन्म दिवस डेरे ने मनाया था।
अभी तक भाजपा की डेरे से दूरी, कांग्रेस की नजदीकियां
लोकसभा चुनावों की घोषणा के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर की पत्नी भी 21 अप्रैल को डेरे में नाम चर्चा के बहाने से नतमस्तक होने के लिए पहुंची थी। इसके बाद यह दूसरा अवसर है जब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर डेरे का चुनावी आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे। हालांकि लोकसभा चुनावों की घोषणा के बाद अभी तक भाजपा का न तो कोई प्रदेश स्तरीय नेता और न ही जिला स्तरीय पदाधिकारी डेरे में नतमस्तक होने के लिए पहुंचे। पिछले लोकसभा चुनावों में डेरे ने खुले तौर पर लोकसभा व हरियाणा विधानसभा चुनावों में भाजपा का समर्थन किया था। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर इनेलो सांसद चरणजीत सिंह रोडी से हार गए थे। भाजपा सरकार में डेरा प्रमुख को साध्वी यौन शोषण व छत्रपति हत्याकांड में सजा होने के बाद अब कांग्रेस की डेरे से नजदीकियां बढ़नी शुरू हो गई हैं।
21 अप्रैल की नामचर्चा में भी पहुंच गए थे नेता
बता दें कि 21 अप्रैल को डेरा की सिरसा संगत ने एक निजी रिसोर्ट में नाम चर्चा की थी। इस नाम चर्चा की भनक लगते ही लोकसभा चुनावों के लिए डेरा अनुयायियों का आशीर्वाद लेने के लिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर की पत्नी अवंतिका माकन तंवर, रानियां से इनेलो विधायक रामचंद्र कंबोज, पूर्व विधायक कृष्ण कंबोज और युवा भाजपा नेता गोकुल सेतिया पहुंचे थे। लेकिन डेरा पदाधिकारियों ने अंदर जाने से रोक दिया था।
पहली बार सोशल मीडिया पर डेरे के मीडिया विंग के कर्मचारी ले रहे थे प्रतिक्रिया
डेरे में इस बार होने वाले समागम में सोशल मीडिया पर बने अलग अलग चैनल डेरा प्रेमियों की प्रतिक्रिया ले रहे थे। डेरा प्रेमी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए डेरा प्रमुख को निर्दोष बताते हुए पूरे घटनाक्रम के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। साथ ही वे डेरा प्रमुुख के सामाजिक भलाई के काम की प्रशंसा कर रहे थे।