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भारतीय किसान संघ का धरना 26 वें दिन में कर गया प्रवेश, दो किसानों संगठनों के धरने अब चलेंगे सरकार के खिलाफ

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सिरसा। अखिल भारतीय स्वामिनाथन संघर्ष समिति ने जिला लघु सचिवालय में अपनी मांगो को लेकर अनिश्चित कालिन धरना शुरू कर दिया है। धरने की अध्यक्षता समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकल पचार ने की।
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विकल पचार ने कहा कि सरकारी नीतियों से किसानों का दोहन हो रहा है। साथ ही किसानों को अपने हक़ के लिए सचेत रहने होगा। किसान नेता ने कहा कि आज देश के पालन हार किसान की हालत बदतर हो रही हैं। पिछले 70 सालों में जो भी सरकार सत्ता में आई उन सभी ने किसानों की अनदेखी व किसान के खिलाफ दमन व शोषण कारी नीतियां अपनाई है। केंद्र सरकार ने सत्ता में आने से पहले स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने का जोर शोर से नारा दिया। लेकिन चार साल बाद भी केंद्र व राज्य में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं की जा सकी। फसल बीमा योजना व फसलों के एमएसपी निर्धारित करने का निर्णय ढकोसला है। सरकार की नीतियों किसानों के गले की फांस बन कर रह गई है। फसल खराब होने पर फसल बीमा योजना के तहत क्लेम लेने के लिए किसानों को संघर्ष का रासता अपनाना पड़ रहा है। किसान नेता छोटू राम हुड्डा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में जिला व स्थानीय स्तर पर किसानों की गतिविधियां नगण्य हो चुकी है। आज जरूरत है की किसान गांव स्तर व फिर जिला स्तर पर संगठन बनाए, ताकि किसान विरोधी नीतियों के प्रति जागरूक किया जाए। किसानों के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसान हर वर्ग के लिए अन्न उत्पादन करता है। लेकिन आज उसके हालात सबसे बुरे है। उसे उसका हक नही दिया जा रहा। राजनेता लोग आते जाते रहेंगे लेकिन हमें अपने अधिकारों को प्राप्त करना होगा।धरने को किसान नेता नेकीराम, रामदत पूनियां, रामचंद्र, अरविंद, निहाल, कर्ण रामपुर, जसबीर, वेदपाल, रामजीलाल, दॎिनेश गरवा ने भी किसानों को संबोधित किया।
किसानों की ये हैं मांगे
2018 की ख़राब हुई रबी व ख़रीफ़ की फ़सल का मुआवजा जल्द से जल्द दिया जाएं। पूरे जिले के 335 गांवों में यह क्लेम व मुआवजा करीब 400 करोड़ रुपये बनता है। गेहूं की फ़सल पर हरियाणा सरकार तीन सौ रूपये बोनस दें, चना व सरसों की फ़सल की ख़रीद सरकार ख़ुद करें। ऐलनाबाद व रानियां को डार्क जोन से निकाला जाए, किसानों को क़र्ज मुक्त किया जाए। स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू किया जाए।
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26 वें दिन में पहुंचा भारतीय किसान संघ का धरना
वहीं लघु सचिवालय में चल रहा भारतीय किसान संघ का धरना सोमवार को 26 वें दिन में प्रवेश कर गया। भारतीय किसान संघ का भी पिछले 26 दिनों से लघु सचिवालय में धरना चल रहा है। भारतीय किसान संघ की मांग है कि हरियाणा के लिए यमुना नदी पर छोटे बड़े बांध, जिसमें हथिनीकुंड बैराज की जगह भी बांध बने और मारकंडा के माध्यम से घग्गर को जाड़ा जाए। भारतीय किसान संघ ने इसे जीवाईएल नाम दिया है। फिर टांगरी, मारकंडा पर भी बांध बनाया जाए। जिससे कि वर्षा का जल बाढ़ की तबाही ना मचाए और फसल बर्बाद न हो। किसानों की मांग है कि कुछ गांव बाजेकां, फूलकां, केशवपुराम, नेजियाखेड़ा व अरनियांवाली के लिए घग्गर से एक रंगोई चैनल बनाई हुई है। जिसमें पिछले 6 साल से पानी नहीं आया। इस वर्ष तो घग्गर में बाढ़ भी आई। परंतु रंगोई में पानी नहीं आया। पानी चोरी को बिजली चोरी की तरह गैर जमानती अपराध घोषित किया जाए। जिले के सेमग्रस्त क्षेत्रों से ड्रेनेज निकालकर कृषि भूति को सेम से बचाया जाए। 77 गांवों का विचाराधीन मुआजवा भी जल्द से जल्द दिलवाया जाए।
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