डीसी ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल से एक घंटे की वार्ता, चंडीगढ़ सीएम से मिली सात सदस्यीय कमेटी , महापंचायत आज
सिरसा। फसल बीमा योजना के क्लेम की मांग को लेकर टंकी पर चढ़े पांचों किसान चौथे दिन भी पानी की टंकी पर चढ़े रहे। धरने पर बैठे किसानों की सात सदस्यीय टीम से भाजपा नेता पवन बैनीवाल एवं जिला पार्षद आदित्य चौटाला की मध्यस्थता में डीसी से वार्तालाप शुरू की। बंद कमरे में करीब एक घंटे तक वार्तालाप चली। डीसी सिरसा प्रभजोत सिंह ने किसानों से कहा कि उनकी मुख्यमंत्री से बात हुई है, उन्होंने किसानों की कमेटी के सदस्यों से मिलने के लिए बुलाया है। डीसी ने टंकी पर चढ़े किसानों से नीचे उतरने की अपील की है। धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि जब तक कमेटी के सदस्य मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं कर लेते वो टंकी से नहीं उतरेंगे। वहीं दूसरी ओर चंडीगढ़ में कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर जगराज डांडी ने गुरुवार को दिल्ली में नेशनल फार कास्ट सेंटर के निदेशक से मुलाकात की और पूरे मामले से अवगत करवाया।
नाथूसरी चोपटा कार्यालय में डीसी प्रभजोत सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को एसपी हामिद अख्तर, एडीसी, डीडीपीओ, डीडीए, एसडीएम में बैठक हुई। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी दोपहर करीब ढाई बजे धरना स्थल पर पहुंचे। जलघर में धरने पर बैठे किसानों के धरने की अध्यक्षता कर रहे किसान जसपाल चोयल मोडिया खेड़ा, युवा किसान करण बैनीवाल, रणधीर जोधकां, मा. माईधन कुतियाना, रामसिंह बराला अरनियांवाली, रामस्वरूप सहारण ने भाजपा नेता पवन बैनीवाल व आदित्य चौटाला की मौजूदगी में प्रशासन से वार्तालाप की। दोनों पक्षों के बीच एक घंटे तक बातचीत चलती रही। युवा किसान करण बैनीवाल ने बताया कि किसानों ने डीसी से कहा कि क्लेम राशि जब तक उनके खातों में नहीं आ जाती तब तक वे अपना धरना यूं ही जारी रखेंगे। इसके बाद डीसी ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर से फोन पर बात की व किसानों के निर्णय के बारे में उन्हें अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने रात्रि 8 बजे उन्हें मिलने के लिए चंडीगढ़ बुलाया। दोपहर साढ़े तीन बजे सीएम से मिलने के लिए किसान जसपाल चोयल, रणधीर जोधकां, राम सिंह बराला, दलीप, हरफूल श्योराण, की पांच सदस्यीय कमेटी और भाजपा नेता पवन बैनीवाल और आदित्य चौटाला के साथ रवाना हो गए। वहीं किसान नेता विकल पाचार ने कहा कि सीएम के साथ जो भी बातचीत होगी, उसे शुक्रवार को होने वाली किसान महापंचायत में किसानों के समक्ष रखा जाएगा। किसान महापंचायत में जिला भर से किसान भाग लेंगे। साथ ही रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा शाम चार बजे धरने पर पहुंचेंगे।
वार्तालाप सिरे नहीं चढ़ी तो पद से इस्तीफा दे देंगे: पवन बैनीवाल
धरने पर अपना समर्थन देेने पहुंचे भाजपा नेता एवं हरियाणा बीज विकास निगम के चेयरमैन पवन बैनीवाल ने कहा कि वो किसानों के साथ हैं और उनकी मांगों को पूरा करवाने के लिए अपना पूरा योगदान देंगे। यदि सरकार के साथ वार्तालाप करने पर बात सिरे ना चढ़ी तो वो यहां किसानों के इसी धरने में अपने पद से इस्तीफा देकर यहां किसानों के साथ बैठ जाएंगे। वहीं धरने पर पहुंचे पूर्व सांसद चौधरी रणजीत सिंह ने कहा कि किसानों के साथ हैं और उनकी मांगों का समर्थन करते हैं। वहीं उन्होंने अभय सिंह चौटाला के बीते दिवस किए बर्ताव के खिलाफ कहा कि धरने पर वोट की राजनीति ना करें। वहीं चौथे होशियारी लाल शर्मा, पूर्व विधायक भरत सिंह बैनीवाल, भूपेश मेहता, अमर सिंह घोटिया कुछ गांवों के सरंपचों ने पहुंचकर किसानों को समर्थन दिया। युवा किसान जगदीप गोदारा, करण बैनीवाल, हनुमान पूनिया अपने सैकड़ों युवाओं के साथ चौपटा की हरीश धर्मशाला में एकत्रित हुए व बाइक लेकर जुलूस के रूप में किसान एकता के नारे लगाते हुए रूपावास धरने पर पहुंचे। इससे पूर्व युवा किसानों की तरफ से एक शिकायत चौपटा पुलिस थाने में व डीसी एंव एसपी को डाक द्वारा भेजकर लिखा कि किसान आंदोलन में किसी भी प्रकार के नुकसान होने पर बीमा कंपनी, कृषि मंत्री ओपी धनखड़ व मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को जिम्मेवार मानते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
दिल्ली में नेशनल फार कॉसट सेंटर में किसानों के टंकी पर चढने पर शुरू हुई हलचल
गांव रुपावास के बीमा क्लेम के मामले की गूंज दिल्ली के नेशनल फॉर कास्ट सेंटर में पहुंच गई है। गुरुवार को कृषि कल्याण विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर जगराज सिंह डांडी ने दिल्ली में नेशनल कांफ्रेंस में नेशनल फॉर कॉसट सेंटर के निदेशक से मुलाकात की। उन्हें पूरे मामले से अवगत करवाया। डांडी ने उनसे कहा कि किसान टंकी से कूदेंगे तो नेशनल फार कास्ट सेंटर को लेकर कूदेगा। किसानों को उनका हक दिलवाए। तब निदेशक ने कहा कि वे जल्द ही इस मामले का समाधान करेंगे। रिपोर्ट तैयार है एक डाटा चाहिए था वो उन्हें मिल गया है। ज्वाइंट डायरेक्टर कृषि विभाग की नेशनल कांफ्रेस से समय निकाल कर सेंटर के कार्यालय में गए और डायरेक्टर से मिलें। निदेशक ने बताया कि वे जल्द ही टेक्निकल एडवाइजरी के पास फाइल सब्मिट कर देंगे। बता दे कि किसानों का 170 करोड़ का बीमे पर बीमा कंपनी ने आब्जेक्शन लगाया हुआ है। यह मामला केंद्र सरकार के कृषि विभाग की टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी ने नेशनल फार कास्ट सेंटर के पास भेजा, ताकि कृषि विभाग हरियाणा और बीमा कंपनी द्वारा भेजे गए डाटा को चैक किया जा सकें।
कोट्स
गुरुवार को नेशनल कांफ्रेंस में मै दिल्ली गया था। बीच में समय निकाल कर नेशनल फार कास्ट सेंटर के निदेशक को पूरे मामले से अवगत करवाया। निदेशक ने कहा कि रिपोर्ट तैयार है, एक डाटा चाहिए था, वो मिल गया है। जल्द ही फाइनल कृषि विभाग की टेक्निकल एडवाइजरी के पास जमा करवा दी जाएगी।
जगराज डांडी, ज्वाइंट डायरेक्टर, कृषि कल्याण विभाग, हरियाणा।