अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को ताला लगाकर अपनी विभिन्न मांगों को पूरा करवाने के लिए लघु सचिवालय परिसर में धरने के दसवें दिन बुधवार को आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर यूनियन का धरना जारी रहा। करीब 2200 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कटोरा लेकर बाजारों में सरकार के लिए भीख मांगने लगी। राहगीरों ने कटोरा लेकर बाजार में भीख मांग रही कार्यकर्ताओं की मांगों को सुनकर सरकार के लिए पैसे, प्याज, गाजर, टमाटर, गोल गप्पे, मिठाई सहित जो भी सामान उनके पास था उसमें से दिया। इस दौरान केंद्र व राज्य सरकार को जमकर कोसा। बरनाला रोड पर बिजली घर के पास करीब 15 मिनट तक जाम लग गया। कार्यकर्ताओं को राहगीरों ने पैसे दिए। वीरवार को भाजपा नेताओं के आवास पर उनका पुतला फूंकेंगी।
लघु सचिवालय में आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर यूनियन द्वारा जारी धरने के दसवें दिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार के पास अगर पैसे की कमी है तो वे भीख मांगकर सरकार को पैसे भेजेंगी जिससे सरकार की पैसे की भूख मिट सके। इसको लेकर कार्यकर्ताओं ने 11 बजे हाथों में कटोरा उठा लिया व लघु सचिवालय से विश्वकर्मा चौक, बरनाला रोड, नेशनल कॉलेज के साथ-साथ बस स्टैंड पर भीख मांगी। इस दौरान बरनाला रोड पर बिजली घर के पास करीब 15 मिनट तक जाम लग गया। इसके बाद कार्यकर्ता अंबेडकर चौक, जाट धर्मशाला, नगर परिषद, बाल भवन के आसपास राहगीरों से भीख मांगकर दो घंटे बाद वापस धरनास्थल पर आकर बैठ गई। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरनास्थल पर जनवादी महिला समिति की अध्यक्ष बलबीर कौर ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण आज हर वर्ग अपने हकों की मांग के लिए सड़कों पर उतर आया है। सरकार को कार्यकर्ताओं की मांगों को जल्द पूरा करना चाहिए। यूनियन की जिला सचिव वीरो देवी ने कहा कि कल मुख्यमंत्री ने यूनियन के प्रतिनिधिमंडल को पहले सुबह 11 बजे मिलने का समय दिया। इसके बाद में दो बजे का समय दिया। यूनियन इंतजार करती रही लेकिन बाद में शाम चार बजे का समय दिया। फिर भी नहीं मिले व शाम आठ बजे मिलने के लिए कहा लेकिन रात को नौ बजे के बाद मुख्यमंत्री ने यूनियन के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की परंतु बात अधूरी ही रही। आज फिर बातचीत के लिए बुलाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनता की समस्याओं को सुनने के लिए कतई गंभीर नहीं है। इस मौके पर यूनियन की राज्य उप प्रधान रत्नेश ने कहा कि हमें हमारे हकों के लिए सडक़ों पर उतरना पड़ा है और हम हमारा हक लेकर ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि वीरवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भाजपा नेता गणेशी लाल के आवास पर उनका पुतला फूंकेंगी। आंगनबाड़ी यूनियन सिरसा ब्लॉक प्रधान शकुंतला, प्रमिला, माया रानी, राजपाल कौर, जसपाल कौर, सीता, कमलजीत, लाली देवी, चन्नों, परमजीत, बिमला देवी, संतोष, सुमित्रा सहित हजारों वर्कर ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम मनोहर लाल सहित केंद्र व राज्य सरकार को कोसने में कोई कसर नहीं छोड़ी। गीत, नारों व तालियों से सरकार को जगाने का काम किया।
इन मांगों के लिए 10 दिन से है आंदोलन जारी
आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर यूनियन द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के अंतर्गत 10वें दिन जिले के डबवाली, रानियां, सिरसा रुरल व अर्बन, माधोसिंगाना, चोपटा, बड़ागुढा, औढ़ा, ऐलनाबाद सहित सभी ब्लॉकों से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को ताला लगाकर 2300 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपनी इन मांगों को लेकर धरने पर रही। आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर को तीसरे व चौथे दर्जे का सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए, ऐसा न करने तक 18000 रुपये मानदेय दिया जाए। 14 जून 2017 को धरने पर पहुंचे कर्मियों पर रोक लगाकर मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने का कहा गया जिसे तुरंत प्रभाव से खारिज किया जाए। शहरी केंद्रों का किराया बिना सर्वे के 6000 व गांवों का 3000 रुपये किया जाए आदि मांगें प्रमुख हैं। राहगीरों ने कटोरा लेकर बाजार में भीख मांग रही कार्यकर्ताओं की मांगों को सुनकर सरकार के लिए पैसे, प्याज, गाजर, टमाटर, गोल गप्पे, मिठाई सहित जो भी सामान उनके पास था उसमें से दिया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार के लिए मांगी भीख, लोगों ने भीख में दिए पैसे, सब्जी और मिठाई
लघु सचिवालय परिसर में आंगनवाड़ी वर्कर व हेल्पर यूनियन का धरना 10वें दिन भी जारी
मांगे नहीं मानने पर फूंका सरकार का पुतला