अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
जिलेभर की मिड-डे मील वर्कर्स ने सोमवार को आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लगाकर लघु सचिवालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। शाम चार बजे तक प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस लाइन के पास यातायात जाम करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।
लघु सचिवालय परिसर में धरने की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रधान नीलम मेहता और वीरो देवी ने बताया कि काफी समय से वे मांगों को लेकर संघर्ष करती आ रही हैं, लेकिन अभी तक न तो प्रशासन और न सरकार ने कोई कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि मिड-डे मील वर्कर स्कूलों में छोटे-छोटे बच्चों को खाना खिलाकर उनका पेट भरती हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें जो वेतनमान मिल रहा है, वह भी समय पर नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारियों के लिए सरकार ने कोई न कोई घोषणा की है, लेकिन उन्हें कुछ नहीं दिया है, जिससे कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने बताया कि सत्ता में आने से पूर्व भाजपा सरकार ने कर्मचारी वर्ग से अनेक लुभावने वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार अपने वादों से मुकर गई।
ये हैं मांगें
सभी वर्करों को 12 महीने वेतन दिया जाए, मिड-डे मील वर्कर को मजदूर घोषित किया जाए और साल में दो बार वर्दी दी जाए, सभी वर्कर को न्यूनतम वेतन दिया जाए, 2013 में एक हजार की बढ़ोतरी को बकाया समेत दिया जाए, पुरानी वर्करों को हटाया न जाए। इस मौके पर राज रानी, पूजारानी, सरोज, दुर्गा, कांता, कमलेश, गुरमीत सिंह, कौशल्या, वर्षा, कमला, रेनू सहित अन्य उपस्थित रहे।
इस मौके पर सीटू के प्रदेशाध्यक्ष सतबीर सिंह कहा कि सरकार आंगनबाड़ी वर्कर्स के संवैधानिक मौलिक अधिकारों का हनन कर रही है। आदमी को रोटी, कपड़ा और मकान की जरूरत होती है वो भी उसे नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती तब तक धरने प्रदर्शन जारी रहेंगे। उधर, सर्वकर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदन लाल खोथ ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर समर्थन किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस लाइन के सामने पहुंचे और 15 मिनट तक बरनाला रोड पर यातायात जाम करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।