अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
नगर परिषद की 16 फरवरी को प्रस्तावित बैठक का एजेंडा तैयार कर पार्षदों को भेज दिया गया है। एजेंडे में 79 बिंदुओं को शामिल किया गया है। इस बार नगर के बजाए परिषद ने अपने विकास पर अधिक जोर दिया है। उधर, विरोधी पार्षदों का कहना है कि परिषद का ध्यान विकास की ओर नहीं है और विरोधियों के साथ पूरी तरह से भेदभाव किया जा रहा है।
नगर परिषद की प्रधान शीला सहगल और कार्यकारी अधिकारी वीरेंद्र सिंह की ओर जारी एजेंडे में 79 बिंदुओं को शामिल किया है, जिसमें परिषद में पड़ी धनराशि के उपयोग पर अधिक जोर दिया गया है। विकास कार्यों की ओर कम और अपने खर्चे निपटाने पर जोर है। बैठक में मीट मार्केट के लिए स्थान के चयन पर चर्चा होगी, सात सार्वजनिक शौचालय बनाए जाने हैं और जो है उन्हें ठेके पर दिया जाना है, इतना ही नहीं शहर के पार्कों का रखरखाव भी ठेके पर देने का प्रस्ताव शामिल किया गया है। केलनियां गांव की भूमि पर नंदीशाला का निर्माण किया गया है, इसकी भूमि की लैब में जांच करवाई गई थी जिसका बिल 44 हजार रुपये दिखाया गया है। हाईमॉस्क लाइट ठीक करवाने और एलईडी स्ट्रीट लाइट लगवाने का प्रस्ताव भी शामिल किया गया है।
ट्रेड टावर मार्केट का मुद्दा भी उठाया गया है
जिसमें कहा गया कि 50 दुकानदारों ने किराया देना बंद कर दिया है उन्हें दो बार नोटिस भी दिया गया है। ऐसे में दुकानदारों से किराया वसूल करने या दुकान खाली करवाने या केस अदालत में दायर करने को लेकर प्रस्ताव भी शामिल किया गया है। नगर परिषद की ओर से नगर के सभी 31 वार्डों में फॉगिंग की गई थी जिसका 187985 रुपये का बिल दिखाया गया है तो सदन में पास होना है। उधर वार्ड 19 की पार्षद नीतू सोनी का कहना है कि एजेंडा देखकर नहंी लगता कि विकास की ओर ध्यान दिया गया है। गलियों के निर्माण को लेकर कोई उल्लेख नहीं है, पहली बैठक में पारित प्रस्तावों पर अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है, लोग विकास के लिए तरस गए हैं। वार्ड दस की भाजपा समर्थित पार्षद रेखा सुखरालिया का कहना है परिषद की से उनके वार्ड के साथ भेदभाव किया जा रहा है अभी तक एक भी ईंट नहीं लगी है। वार्ड 23 के पार्षद राजेश गुर्जर और वार्ड 31 की पार्षद आशारानी ने भी भेदभाव के आरोप लगाए है। राजेश को इस मामले को लेकर कोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं। वार्ड छह की पार्षद ममता सैनी का कहना है कि जब सिविल अस्पताल रोड के निर्माण के लिए ढाई करोड़ रुपये का टेंडर होना है तो इस सड़क के पैचवर्क पर 22 लाख रुपये की राशि क्यों खर्च की जा रही है। उधर, प्रधान शीला सहगल ने भेदभाव के आरोपों को नकारते हुए कहा कि सभी वार्डों में समान रूप से बिना किसी भेदभाव के काम होंगे और काम शुरू भी कर दिए हैं।