नलकूप कनेक्शन की मांग मनवाने को लेकर किसान बैठे धरने पर
धोधाधड़ी करने वाले अधिकारियों से वसूली जाए धनराशि
अमर उजाला ब्यूरो
कालांवाली। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा गत वर्षों में किसानों के नलकूपों के फर्जी करार देकर काटे गए कनेक्शन पुन: जोड़ने की मांग को लेकर किसानों ने सोमवार को कालांवाली तहसील कार्यालय के समक्ष धरना दिया। किसानों का कहना है कि उक्त मामले को लेकर किसानों ने पहले भी धरना प्रदर्शन किया था पर उस समय नायब तहसीलदार के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया था। आश्वासन के बाद उन्हें कोई न्याय नहीं मिला जिस कारण आज फिर से धरना देकर रोष जताया है।
किसानों ने कहा कि कालावंाली की तरह नाथूसरी चोपटा में भी बिजली के अधिकारियों ने किसानों को जाली रसीदें काटकर फर्जी कनेक्शन जारी किए थे उक्त मामला और कालांवाली का मामला एक जैसा ही है, लेकिन यहां पर अधिकारी पीड़ित किसानों के कनेक्शन काट रहा है और उसे दोबारा से अग्रिम राशि जमा करवाने के लिए कहा जा रहा है ऐसे में किसानों का क्या कसूर है जो दोबारा से राशि जमा करवाए। किसानों ने कहा कि यह राशि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाले अधिकारियों से जमा करवाई जाए। किसानों ने कहा कि जिस तरह विभाग ने चोपटा में किसानों के कनेक्शन नियमित किए गए हैं उसी तरह कालांवाली के किसानों के भी कनेक्शन नियमित किए जाएं। किसानों ने कहा कि सिंचाई पानी की कमी के कारण उनकी फसलें प्रभावित हो रही है, लेकिन विभाग उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा। इस मौके पर गुरनाम सिंह पक्का शहीदां, गुरदास सिंह, जसविंद्र भादडा, परमजीत सिंह सुखचैन, गुरनैब सिंह, मेजर सिंह, मगर सिंह, बुटा सिंह, गुरमीत सिंह, जरनैल सिंह हस्सू, कुलविंद्र सिंह, बिकर सिंह, हरमीत सिंह, नक्षतर सिंह, हरनेक सिंह, बुटा सिंह आदि उपस्थित रहे।
इस दौरान किसान मंडी में पुराना थाना रोड, रोडी रोड, डबवाली रोड, आरा रोड पर अतिक्रमण ज्यादा होने के साथ-साथ सड़कों की हालत ज्यादा खस्ता होने पर पालिका सचिव ऋषिकेश चौधरी से मिले। किसानों का कहना है कि उक्त रोड पर अतिक्रमण होने व सड़कों की हालत खस्ता होने के कारण उन्हें फसली सीजन के समय परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि उक्त समस्या को लेकर उन्होंने गेहूं की सीजन में भी पालिका सचिव को शिकायत दी थी, लेकिन आज तक उक्त समस्या का समाधान नहीं हुआ। पालिका सचिव ने बताया कि सीएम द्वारा की सड़कों के लिए दी गई पांच करोड़ की राशि से मंडी की सड़कों का निर्माण करवाया जाएगा। पालिका द्वारा सड़कों के निर्माण के टेंडर जारी कर दिए है टेंडर खुलने के बाद सड़कों का निर्माण शुरू किया जाएगा।