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Haryana: रिश्वत लेते धरा गया आरटीओ इंस्पेक्टर, एसीबी ने की कार्रवाई; चालान ना काटने के लिए लेता था मंथली

Tue, 05 May 2026 10:53 PM IST
शाहिल शर्मा माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक

सार

एसीबी ने डीएसपी राहुल के नेतृत्व में शाम पांच बजे महर्षि दयानंद कॉलोनी में दबिश देकर इंस्पेक्टर राकेश राणा को एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ व रिकॉर्ड की छानबीन के बाद सहायक सचिव मनीष मदान को भी गिरफ्तार किया गया है।
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रिश्वत मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने मंगलवार शाम पांच बजे दयानंद कॉलोनी में दबिश देकर आरटीओ इंस्पेक्टर राकेश राणा को एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जांच के बाद आरटीओ कार्यालय कन्हेली के सहायक सचिव मनीष मदान को भी मामले में संलिप्तता के चलते गिरफ्तार कर लिया। कॉमर्शियल वाहनों के चालान न काटने के एवज में हर माह आठ लाख रुपये मांगने का आरोप है।

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एसीबी के एसपी विजय जाखड़ ने बताया कि रोहतक के एक ट्रांसपोर्टर ने शिकायत दी कि उनकी निजी बसें और ट्राले चलते हैं। रोहतक आरटीओ की टीम ने उनके एक ट्राले का चालान किया था। इसके बाद वह चालान जमा करवाने के लिए आरटीओ कार्यालय पहुंचे तो उनकी मुलाकात निरीक्षक राकेश राणा और सहायक सचिव मनीष मदान से हुई थी। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने दबाव बनाते हुए कहा कि जब तक सेटिंग नहीं करेगा, तब तक चालान कटते रहेंगे। 

आठ लाख रुपये बांधी थी मंथली
बातचीत पर आरोपियों ने प्रति वाहन 7,000 रुपये मासिक रिश्वत मांगी। पीड़ित ने बताया कि मेरी व मेरे साथियों की करीब 150 बसें, ट्रक व ट्राले चलते हैं। ऐसे में पहले 10.50 लाख रुपये, फिर आठ लाख रुपये मंथली देने की बात तय हुई थी। आरोपी पहले ही उनसे साढ़े पांच लाख रुपये ले चुका था। मंगलवार को एक लाख रुपये दिए जाने थे। पीड़ित ने पैसे देने के बजाय एसीबी को शिकायत कर दी। 

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एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
एसीबी ने डीएसपी राहुल के नेतृत्व में शाम पांच बजे महर्षि दयानंद कॉलोनी में दबिश देकर इंस्पेक्टर राकेश राणा को एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ व रिकॉर्ड की छानबीन के बाद सहायक सचिव मनीष मदान को भी गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने बताया कि आरोपी मनीष मदान 2021 में भी रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। आरोपियों को एसीबी की टीम बुधवार को अदालत में पेश करेगी।

भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में सख्त और तुरंत कार्रवाई होगी। भ्रष्टाचार के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो एंटी करप्शन ब्यूरो के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 अथवा 1064 पर शिकायत दे। उनकी पहचान भी गोपनीय रखी जाएगी। - डॉ. एएस चावला, निदेशक एसीबी
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