रिश्वत मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपी
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एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने मंगलवार शाम पांच बजे दयानंद कॉलोनी में दबिश देकर आरटीओ इंस्पेक्टर राकेश राणा को एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जांच के बाद आरटीओ कार्यालय कन्हेली के सहायक सचिव मनीष मदान को भी मामले में संलिप्तता के चलते गिरफ्तार कर लिया। कॉमर्शियल वाहनों के चालान न काटने के एवज में हर माह आठ लाख रुपये मांगने का आरोप है।
एसीबी के एसपी विजय जाखड़ ने बताया कि रोहतक के एक ट्रांसपोर्टर ने शिकायत दी कि उनकी निजी बसें और ट्राले चलते हैं। रोहतक आरटीओ की टीम ने उनके एक ट्राले का चालान किया था। इसके बाद वह चालान जमा करवाने के लिए आरटीओ कार्यालय पहुंचे तो उनकी मुलाकात निरीक्षक राकेश राणा और सहायक सचिव मनीष मदान से हुई थी। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने दबाव बनाते हुए कहा कि जब तक सेटिंग नहीं करेगा, तब तक चालान कटते रहेंगे।
आठ लाख रुपये बांधी थी मंथली
बातचीत पर आरोपियों ने प्रति वाहन 7,000 रुपये मासिक रिश्वत मांगी। पीड़ित ने बताया कि मेरी व मेरे साथियों की करीब 150 बसें, ट्रक व ट्राले चलते हैं। ऐसे में पहले 10.50 लाख रुपये, फिर आठ लाख रुपये मंथली देने की बात तय हुई थी। आरोपी पहले ही उनसे साढ़े पांच लाख रुपये ले चुका था। मंगलवार को एक लाख रुपये दिए जाने थे। पीड़ित ने पैसे देने के बजाय एसीबी को शिकायत कर दी।