रोहतक। जिला परिषद की सियासत फिर से गरमा गई है। बुधवार को चेयरपर्सन मंजू हुड्डा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए जिला विकास भवन में सुबह 11 बजे बैठक होगी। इसमें डीसी अजय कुमार की मौजूदगी में पार्षद अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान करेंगे।
अगर 14 में से 10 पार्षद मंजू के खिलाफ मतदान करते हैं तो उनकी कुर्सी चली जाएगी। वहीं, जिप के वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा का कहना है कि 23 अक्तूबर की बैठक रद्द करने पर उन्होंने डीसी के खिलाफ हाईकोर्ट में अदालत की अवमानना की याचिका दायर की है, जिस पर 4 नवंबर को सुनवाई होगी।
साल 2022 में जिला परिषद के चुनाव हुए थे, जिसमें 14 पार्षद चुनकर आए थे। दिसंबर में वार्ड नंबर 5 से पार्षद मंजू हुड्डा को सर्वसम्मति से चेयरमैन चुना गया था, जबकि वार्ड 4 से पार्षद अनिल हुड्डा मतदान के बाद वाइस चेयरमैन बने थे। डेढ़ साल बाद ही पार्षदों के बीच दो गुट बन गए। जुलाई 2024 में मामला इतना बढ़ गया कि जिला परिषद की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। वाइस चेयरमैन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि चेयरपर्सन पार्षदों का विश्वास खो चुकी हैं। उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाए। हाईकोर्ट ने दो सप्ताह में अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए जिला प्रशासन को कहा। डीसी ने 23 अक्तूबर को अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक बुलाई। बैठक से पहले वार्ड नंबर 9 की महिला पार्षद नीलम के बेटे धैर्य का अपहरण हो गया। तीन घंटे बाद उसे कार सवार युवकों ने छोड़ दिया। अपहरण करवाने का आरोप चेयरपर्सन मंजू हुड्डा और उनके पति राजेश सरकारी पर लगा। पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन एक सप्ताह बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
आज होगी पार्षदों की बैठक, हाईकोर्ट में याचिका दायर
डीसी की तरफ से 23 अक्तूबर को ही पत्र जारी करके अविश्वास प्रस्ताव के लिए 30 अक्तूबर की तिथि तय कर दी गई थी। उस दिन तर्क दिया गया था कि डीसी की तबीयत ठीक नहीं है। जिप के वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा ने कहा था कि 14 में से 10 पार्षद बैठक में आए थे, लेकिन बैठक को टाल दिया गया। उसने 28 अक्तूबर को हाईकोर्ट में याचिका दायर की। दायर याचिका में अनिल ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों के तहत दो सप्ताह में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक होनी चाहिए थी। इसके बावजूद 23 अक्तूबर की बैठक रद्द कर दी गई। यह अदालत के आदेशों का उल्लंघन है। अनिल का दावा है कि उसकी याचिका पर हाईकोर्ट में 4 नवंबर को सुनवाई होगी।
डीसी के आदेशों के तहत अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए बुधवार को सुबह 11 बजे जिला विकास भवन में बैठक होगी। बैठक की तैयारियां पूरी हो गई हैं। -शालिनी चेतल, सीईओ, जिला परिषद।
ये पार्षद दे चुके हैं चेयरपर्सन के खिलाफ शपथ पत्र
अमित रांगी- वार्ड 1
पूजा -वार्ड 2
मांगेराम चिड़ी-वार्ड 3
अनिल हुड्डा-वार्ड 4
सतपाल हुड्डा- वार्ड 6
सीमा-वार्ड 7
धीरज मलिक-वार्ड 8
नीलम-वार्ड 9
सोनू-वार्ड 14
ये पार्षद चेयरपर्सन के खिलाफ नहीं
जयदेव डागर-वार्ड 10
सुमन-वार्ड 12
सतीश-वार्ड 13
नोट : चेयरपर्सन मंजू हुड्डा खुद वार्ड पांच से जिला पार्षद हैं।
अपहरण केस : एक सप्ताह बाद भी गिरफ्तारी नहीं
उधर, जिला परिषद की महिला पार्षद नीलम इस्माईला के 15 वर्षीय बेटे धैर्य खत्री का पिछली बैठक से पहले अपहरण कर लिया गया था। उसकी मौसी के लड़के रौनक खत्री ने सांपला थाने में शिकायत देकर जिला परिषद की चेयरपर्सन मंजू हुड्डा व उनके पति राजेश सरकारी पर अपहरण कराने का आरोप लगाया था। पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन एक सप्ताह बाद भी उसके हाथ खाली हैं।
अपरहण केस में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सांपला पुलिस के अलावा सीआईए पुलिस भी दबिश दे रही है। -इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह, प्रभारी, थाना सांपला।
बुधवार की बैठक के लिए सभी 10 पार्षद पूरी तरह तैयार हैं। 23 अक्तूबर की बैठक रद्द करके पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना की गई है। मामले में चार नवंबर को सुनवाई होगी। इसमें डीसी को पार्टी बनाया गया है। -अनिल हुड्डा, वाइस चेयरमैन, जिला परिषद।
एक वोट पर टिकी चेयरपर्सन की कुर्सी
जिला परिषद की बैठक में अगर 14 में से 10 पार्षद चेयरपर्सन मंजू हुड्डा के खिलाफ मतदान करते हैं तो उनकी कुर्सी चली जाएगी। अगर 10 पार्षदों में से एक भी पार्षद गैरहाजिर या पक्ष में मतदान करता है तो कुर्सी बच जाएगी, क्योंकि अविश्वास प्रस्ताव पास करने के लिए एक-तिहाई बहुमत चाहिए।