डॉ. सत्यवान सौरभ, बड़वा, सिवानी
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-प्रो. प्रताप सिंह, अध्यक्ष, डिफेंस एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज, एमडीयू।
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विशेषज्ञ की राय
युवाओं ने मुद्दे पर बेहतर लिखा है। लेख में सभी जरूरी बिंदुओं को छुआ है। सभी ने अपनी बात बेहतर ढंग से तथ्यों सहित रखने का प्रयास किया है। इसमें क्षेत्र विशेष का उल्लेख सटीक रहा। प्रविष्टियों के गहन अध्ययन में युवाओं के लेखन की अच्छी तस्वीर िदखी। सुरक्षा हर देश की अहम जरूरतों में सबसे प्रमुख है। रक्षा एवं सामरिक शक्ति का किसी भी देश के लिए मजबूत होना जरूरी है।
-प्रो. प्रताप सिंह, अध्यक्ष, डिफेंस एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज, एमडीयू।
इनकी प्रविष्टि भी सराहनीय रही
पंकज, एमडीयू
यह भी जानें
पाकिस्तान की 69 लाख जनसंख्या बलूच है। ईरान में लगभग 20 लाख जनजातीय बलूच हैं और पूर्वी सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत की अधिकांश आबादी बलूच की है। वहीं 6 लाख की बलूच आबादी दक्षिणी अफगानिस्तान में रहती है। बता दें कि बलूचिस्तान अपने लंबे तटीय क्षेत्र के लिए जाना जाता है जो कराची से सोनमियानी, ओरमारा, कलमत, पसनी, ग्वादर, जिवानी और ईरान तक फैला हुआ है।
प्रतियोगी छात्र भेजें प्रविष्टि
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं तो अमर उजाला की लेखन प्रतियोगिता में आप भी हिस्सा ले सकते हैं। इसका उद्देश्य संघ लोक सेवा आयोग, हरियाणा लोक सेवा आयोग और अन्य परीक्षाओं में पूछे जाने वाले साामयिक विषयों के प्रति युवाओं की सोच को सामने लाकर बड़ा मंच देना है।
नीचे दिए विषय पर युवा अधिकतम 300 शब्दों में अपना आलेख 04 फरवरी तक पासपोर्ट साइज की तस्वीर, नाम-पते और फोन नंबर के साथ ई-मेल roh-edithead@roh.amarujala.com पर भेज सकते हैं। निर्धारित तिथि तक प्राप्त आलेखों का मूल्यांकन विशेषज्ञों से कराया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टि का प्रकाशन भी अमर उजाला में किया जाएगा। ध्यान रखें, आपका लेख मौलिक ही होना चाहिए।
विषय ः प्रतियोगी बच्चों में बढ़ता अवसाद (अंितम ितथि- 04 फरवरी)