रोहतक। रोहतक। शहर की स्लम बस्ती में आर्थिक तंगी और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए दो युवा प्रदीप और प्रीति प्रतिदिन एमएससी संस्था की मदद से दो से तीन घंटे निशुल्क पढ़ा रहे हैं। उनका यह प्रयास बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का काम कर रहा है और समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन रहा है।
इनके कार्य को देखते हुए मेडिकल सर्विस सेंटर (एमएससी) रोहतक इकाई ने दोनों को सम्मानित किया। स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों के दौरान एमएससी टीम ने देखा कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रदीप और प्रीति बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इस पर संस्था की ओर से उन्हें व्हाइट बोर्ड भी उपलब्ध कराया गया।
एमएससी रोहतक इकाई के सचिव डॉ. सचिन ने कहा कि समाज परिवर्तन के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है, जिसे प्रदीप और प्रीति ने साबित किया है। उन्होंने कहा कि संस्था ऐसे सभी सकारात्मक प्रयासों के साथ खड़ी रहेगी।
इस अवसर पर डॉ. विवेक मलिक, डॉ. पूनम, अंकुश, शुभम सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।