रोहतक। मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 30-30 गज के प्लाॅट पर कब्जा लेने से पहले सरकार को एक शपथ पत्र देना होगा। शपथ पत्र में बताना होगा कि उसके पास पूरे देश में अन्य प्लाॅट या मकान नहीं है। निगम के अधिकारी अपने सामने प्रोफाॅर्मा पर हस्ताक्षर कराएंगे।
प्रदेश सरकार की तरफ से सीएम ने एक साल पहले मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना शुरू की थी। इसके तहत उन लोगों से आवेदन मांगे थे, जिनकी परिवार पहचान पत्र में 1 लाख 80 हजार से आय कम है। आवेदन के बाद 10 हजार रुपये फीस जमा करवाई गई थी। जून 2024 में सरकार ने शहर के 3 हजार लोगों को 30-30 गज के प्लॉट आवंटित किए थे। दूसरी किस्त के तौर पर लाभार्थियों से 10 हजार रुपये की किस्त ली थी। नियमों के तहत लाभार्थी को कुल 1 लाख रुपये सरकार के पास जमा करवाने हैं। इसके बाद सरकार प्लॉट का कब्जा देगी।
मकान बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपये देगी। अब सरकार ने कब्जा देने से पहले पूरे दस्तावेज लेने का निर्णय लिया है। शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कर लाभार्थी को बताना होगा कि मेरी आय 1 लाख 80 हजार से कम है। पूरे देश में मेरा दूसरा प्लाॅट या मकान नहीं है। अगर कोई सूचना गलत मिली तो इसका जिम्मेदार मैं होगा। हस्ताक्षर के साथ निगम को अपडेट परिवार पहचान पत्र, बैंक की कॉपी, अलाॅटमेंट पत्र जमा कराना होगा। अगर लाभार्थी एससी, बीसी या अन्य समुदाय से है तो जाति प्रमाण पत्र भी देना होगा।
सीपीओ ब्रांच में जमा होंगे दस्तावेज, शनिवार को भी पहुंचे लाभार्थी
सूचना पाकर शनिवार को भी लाभार्थी निगम की मानसरोवर पार्क के नजदीक सीपीओ ब्रांच में पहुंचे। ब्रांच में छुट्टी के चलते कोई नहीं मिला। महिलाओं ने कहा कि उनके पास आने के लिए कॉल आई थी।
वर्जन
तीन हजार लोगों को प्लाॅट आवंटित किए थे। सोमवार से बचे लाभार्थियों से सीपीओ ब्रांच में दस्तावेज लिए जाएंगे। जिन आवेदकों को अलॉटमेंट पत्र मिला हुआ है, वह आवश्यक कागजात लेकर आएं।
- जगदीश चंद्र, सीपीओ नगर निगम