संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। विद्यार्थियों को राजनीति विज्ञान के लिए अध्यायवार संक्षिप्त नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और पूर्व वर्षों के प्रश्न लिखकर पढ़ाई करनी चाहिए जो परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी होती है।
2, 3 व 5 अंकों के प्रश्नों के अनुसार उत्तर लिखने का नियमित अभ्यास करना चाहिए। छात्रों को शीर्षक, बिंदुओं, उप शीर्षकों और उपयुक्त शब्दावली के उपयोग से अच्छे अंक लिए जा सकते हैं।
महत्वपूर्ण अध्यायों से कमजोर विद्यार्थी भी पास मार्क्स हासिल कर सकता है। यह सुझाव है शहीद कैप्टन दीपक शर्मा पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता रामकुमार हुड्डा का।
प्रवक्ता रामकुमार हुड्डा कहते हैं कि हरियाणा बोर्ड के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार भारतीय राजनीति एवं समकालीन विश्व राजनीति के सभी अध्यायों को समझना चाहिए ताकि इनकी अवधारणात्मक समझ मजबूत हो।
उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के बाद भारत की राजनीति भाग एक के राष्ट्र निर्माण और उसकी चुनौतियां अध्याय से स्वतंत्रता के बाद भारत की प्रमुख समस्याएं, एकता, विकास आदि से जुड़े प्रश्न आते हैं।
एकदलीय प्रभुत्व का युग अध्याय से कांग्रेस के प्रभुत्व, विपक्ष की भूमिका पर छोटे व सीधे प्रश्न आते हैं। नियोजित विकास की राजनीति से पंचवर्षीय योजनाएं, योजना आयोग, विकास बनाम विकास की बहस पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें से 4 व 5 अंकों के प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। हरियाणा बोर्ड की अंक योजना के अनुसार छात्रों को उत्तर पुस्तिका में साफ-सुथरी प्रस्तुति, की-वर्ड्स, डायग्राम, फ्लोचार्ट व उत्तर लिखना चाहिए।
यूएनओ, आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक हैं अधिक स्कोरिंग अध्याय
रामकुमार हुड्डा ने बताया कि समकालीन विश्व राजनीति भाग दो से द्विध्रुवीयता का अंत अध्याय से सोवियत संघ का विघटन, शीत युद्ध-आधारभूत और महत्वपूर्ण अध्याय हैं। अंतरराष्ट्रीय संगठन से संयुक्त राष्ट्र (यूएनओ), आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक अधिक स्कोरिंग हैं। वैश्वीकरण अध्याय से हर वर्ष प्रश्न आता है। पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन से छोटे व बड़े दोनों प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं जबकि वैकल्पिक शक्ति केंद्र/सुरक्षा की चुनौतियां अच्छे अंक दिलाने वाला अध्याय है। इनमें परिभाषाएं, कारण-परिणाम, बिंदुवार उत्तर लिखना आसान होता है। ये अध्याय 2, 4 और 5 अंकों के प्रश्नों के लिए बहुत उपयोगी है।
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योग विशेषज्ञ टिप्स
नियमित योग अभ्यास से विद्यार्थियों की स्मरण शक्ति व समझने की क्षमता बढ़ेगी
फरवरी में बोर्ड परीक्षाएं होनी हैं। इस समय विद्यार्थियों पर पढ़ाई का दबाव बढ़ना स्वाभाविक है जिससे तनाव, घबराहट और मानसिक थकान की समस्या देखने को मिलती है। परीक्षा का डर कई बार बच्चों की एकाग्रता और आत्मविश्वास को कमजोर कर देता है। अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम विशेष रूप से परीक्षा के तनाव को कम करने में सहायक हैं। प्रतिदिन 10 से 15 मिनट का प्राणायाम अभ्यास विद्यार्थियों को शांत मन से पढ़ाई करने की शक्ति देता है। सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन और सुखासन जैसे सरल आसन विद्यार्थियों को शारीरिक संतुलन के साथ मानसिक एकाग्रता भी प्रदान करते हैं।
-डॉ. जनक राज, योग विशेषज्ञ एवं पीजीटी फिजिकल एजुकेशन
7...शहीद कैप्टन दीपक शर्मा पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से राजनीति विज्ञान क