कुश्ती छोड़ने के बाद बच्चों का भविष्य खराब होते देख बहुत दुख होता है, इसीलिए सबके बीच आई हूं। फेडरेशन के 21 दिसंबर को सस्पेंशन के बाद बृजभूषण सिंह का तांडव सभी ने देखा होगा। यह तांडव आमजन के लिए नहीं बल्कि महिला पहलवानों के मन में भय बैठाने के लिए किया गया था। ये बातें ओलंपियन पहलवान साक्षी मलिक ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर कहीं।
सोशल मीडिया में दिए ऑनलाइन बयान में साक्षी ने कहा कि सरकार ने संजय सिंह को सस्पेंड कर एडहॉक कमेटी बनाई, मैं इसका स्वागत करती हूं। एडहॉक कमेटी जल्द अंडर 15 व 17 के राष्ट्रीय खेल कराए, जिससे खिलाड़ी आने वाले मुकाबले की तैयारी ठीक से कर सकें। पिछले दिनों कई राज्यों के बच्चों को फुसला कर जंतर-मंतर ले जाया गया।
उनसे बुलवाया गया कि हम उनका भविष्य खराब कर रहे हैं। एडहॉक कमेटी जूनियर नेशनल एनाउंस करती है तो उसके कुछ लोग कोर्ट में चले जाते हैं। एडहॉक कमेटी सीनियर नेशनल एनाउंस करती है तो उसके समानांतर वह अपना नेशनल पुणे में एनाउंस कर देते हैं। ऐसे में आप ही अंदाजा लगा सकते हैं कि कौन शोषण कर रहा है। कौन नेशनल स्पर्धा रोक रहा है।
एडहॉक कमेटी व खेल मंत्रालय ने उसके खिलाफ पत्र निकाला हुआ है कि उसके नेशनल को किसी तरह का मान्यता नहीं है। उसका मकसद कुश्ती को बढ़ाना देना नहीं, कुश्ती पर कब्जा करना है ताकि वह महिला पहलवनों का शोषण करता रहे। बच्चों के स्पॉन्सर्स के रुपये का कोई अता-पता नहीं है। सरकार जल्द अंडर-15 व 17 का आयोजन कराए ताकि आने वाले ओलंपिक में ज्यादा से ज्यादा पदक हासिल कर सकें। खिलाड़ी जयपुर में आयोजित हाेने वाले खेलों में ही भाग लें, इसी को मान्यता है।